मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने वीरेंद्रनाथ शासमल को दी श्रद्धांजलि
26 अक्टूबर 2026 को, झारखंड के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने राज्य के एक प्रतिष्ठित नेता, वीरेंद्रनाथ शासमल, को श्रद्धांजलि अर्पित की। शासमल, जो दशकों से सामाजिक न्याय और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं, ने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण योजनाओं को आगे बढ़ाया। उनकी मृत्यु के बाद, मुख्यमंत्री ने शासमल के योगदान को सम्मानित करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने भावुक भाषण दिया और शासमल के परिवार के साथ मिलकर उनकी यादों को ताज़ा किया।
शासमल की सामाजिक सेवा की विरासत
शासमल ने अपने करियर के दौरान झारखंड के ग्रामीण इलाकों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने स्कूलों के निर्माण, पठन-पाठन के लिए पुस्तकालयों की स्थापना, और स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन के माध्यम से लाखों बच्चों को शिक्षित और स्वस्थ रखने का कार्य किया। उनकी पहल से क्षेत्र में साक्षरता दर में उल्लेखनीय सुधार हुआ और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में भी बढ़ोतरी हुई।
मुख्यमंत्री की भावुक श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शासमल की याद में एक भावुक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने शासमल के कार्यों की प्रशंसा की और उनके द्वारा छोड़ी गई सामाजिक छाप की चर्चा की। उन्होंने शासमल को “सच्चे समाजसेवक” और “शिक्षा के पथप्रदर्शक” के रूप में वर्णित किया। भाषण के दौरान, उन्होंने शासमल के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और शासमल के कार्यों को आगे बढ़ाने का वादा किया।
कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण
इस कार्यक्रम में शासमल के जीवन और कार्यों को समर्पित एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। प्रदर्शनी में शासमल द्वारा हस्ताक्षरित दस्तावेज़, फ़ोटोग्राफ़ और उनके द्वारा लिखी गई पत्रिकाएँ प्रदर्शित की गईं। इसके अलावा, एक वीडियो संदेश भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें शासमल के सहकर्मियों और विद्यार्थियों ने उनके योगदान की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में, मुख्यमंत्री ने शासमल के परिवार को एक स्मृति चिन्ह भेंट किया, जिसे उन्होंने “स्मृतियों के दीप” के रूप में नामित किया।
भविष्य के लिए शासमल की दृष्टि
शासमल ने अपनी ज़िंदगी के दौरान हमेशा “शिक्षा और स्वास्थ्य” को प्राथमिकता दी। उन्होंने यह विश्वास जताया कि शिक्षा से ही समाज में स्थायी परिवर्तन लाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने शासमल की इस दृष्टि को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया और कहा कि उनके द्वारा आरंभ की गई योजनाओं को आगे भी जारी रखा जाएगा। शासमल के कार्यों से प्रेरित होकर, सरकार ने नई शिक्षा और स्वास्थ्य योजनाओं की घोषणा की, जिनका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा वीरेंद्रनाथ शासमल को दी गई श्रद्धांजलि ने झारखंड के लोगों में गहरी भावनाएँ जगाईं। शासमल की सामाजिक सेवा की विरासत और उनके द्वारा स्थापित शिक्षा-स्वास्थ्य मॉडल को सम्मानित करते हुए, मुख्यमंत्री ने भविष्य में भी इस दिशा में कार्य करने का संकल्प लिया। उनकी याद में यह कार्यक्रम न केवल शासमल के योगदान का सम्मान है, बल्कि यह समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी है कि शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति समर्पित रहकर हम समाज को बेहतर बना सकते हैं।


