गुरुग्राम की जाटौली मंडी में दौरे के दौरान जांच-पड़ताल करतीं गुरुग्राम जिला की प्रशासकीय सचिव आशिमा बराड़।

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गुरुग्राम की जाटौली मंडी में दौरे के दौरान जांच-पड़ताल करतीं गुरुग्राम जिला की प्रशासकीय सचिव आशिमा बराड़।

गुरुग्राम के व्यस्त जाटौली मंडी में 15 अक्टूबर 2026 को जिला प्रशासकीय सचिव आशिमा बराड़ ने एक विस्तृत दौरे का आयोजन किया। इस दौर में उन्होंने मंडी के भीतर के व्यापारिक नेटवर्क, किसानों की मांगें और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों पर गहराई से नज़र रखी। बराड़ का उद्देश्य जाटौली मंडी को एक समृद्ध व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित करना और किसानों तथा छोटे व्यापारियों को सशक्त बनाना था। उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर कई प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की, जिससे जिले के विकास योजनाओं में नई ऊर्जा समाहित हुई।

जाटौली मंडी में सचिव आशिमा बराड़ की जांच-पड़ताल

सचिव बराड़ ने मंडी के भीतर के बाजार स्टॉल, खाद्य वितरण केंद्र और परिवहन सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि कई स्टॉलों पर कच्चे माल की कीमतें बढ़ रही थीं और किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा था। इसके अलावा, उन्होंने देखा कि मंडी के भीतर स्वच्छता और सड़क व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। इस जांच के दौरान उन्होंने व्यापारियों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं को नोट किया, ताकि भविष्य में सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।

सचिव ने जाटौली मंडी में किसान कल्याण योजनाओं पर चर्चा

बराड़ ने किसानों के लिए उपलब्ध कल्याण योजनाओं, जैसे कि ऋण माफी, बीमा योजनाएँ और सब्सिडी के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने किसानों से यह भी आग्रह किया कि वे इन योजनाओं का लाभ उठाएँ और सरकार के साथ सहयोग करें। इसके अलावा, उन्होंने किसानों को डिजिटल प्लेटफार्मों पर अपनी जानकारी अपडेट करने की सलाह दी, ताकि वे बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन कर सकें। किसानों ने इस चर्चा में सक्रिय भाग लिया और अपनी समस्याओं और सुझावों को साझा किया।

जाटौली मंडी में आर्थिक सुधारों के लिए नई पहल की घोषणा

सचिव ने मंडी के भीतर एक नया व्यापारिक हब स्थापित करने की योजना की घोषणा की। इस पहल के तहत, मंडी के भीतर एक आधुनिक लॉजिस्टिक सेंटर और स्टोरेज सुविधा बनाई जाएगी, जिससे व्यापारियों को अपने उत्पादों को बेहतर ढंग से संग्रहीत और वितरित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, बराड़ ने मंडी में डिजिटल भुगतान और ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों को बढ़ावा देने की योजना भी बताई, ताकि ग्रामीण व्यापारियों को बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धा का सामना करने में सहायता मिले।

सचिव के साक्षात्कार और सार्वजनिक संवाद से मिली प्रतिक्रिया

सचिव बराड़ ने अपने दौर के दौरान एक सार्वजनिक संवाद सत्र भी आयोजित किया, जिसमें उन्होंने नागरिकों, व्यापारियों और किसानों से सीधे संवाद किया। साक्षात्कार के दौरान उन्होंने बताया कि जिले की विकास योजनाएँ किस प्रकार से मंडी के भीतर के लोगों के लिए लाभदायक होंगी। नागरिकों ने अपनी राय दी और सुझाव मांगे, जिससे सचिव को यह स्पष्ट हुआ कि विकास योजनाओं में स्थानीय आवश्यकताओं को शामिल करना कितना महत्वपूर्ण है।

निष्कर्ष

जाटौली मंडी में आशिमा बराड़ की जांच-पड़ताल ने न केवल मंडी की वर्तमान स्थिति को उजागर किया, बल्कि जिले के विकास के लिए नई दिशा भी तय की। किसानों, व्यापारियों और स्थानीय समुदाय के साथ संवाद के माध्यम से, सचिव ने यह स्पष्ट किया कि सरकार की योजनाएँ और सुधारात्मक कदम केवल योजनाबद्ध नहीं, बल्कि व्यवहारिक भी होने चाहिए। इस दौरे से यह स्पष्ट हुआ कि जाटौली मंडी को एक आधुनिक, स्वच्छ और समृद्ध व्यापारिक केंद्र बनाने के लिए सरकार और स्थानीय लोगों के बीच सहयोग अनिवार्य है।