मिलेट्स मिशन

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मिलेट्स मिशन

मिलेट्स मिशन के तहत सरकार ने 2026 के अंत तक देश के 70 प्रतिशत क्षेत्र में दलहन और अनाज की खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना, किसानों की आय में वृद्धि करना और जलवायु परिवर्तन के प्रति कृषि प्रणाली को लचीला बनाना है। 29 अक्टूबर 2026 को जारी की गई इस योजना के तहत मिलेट्स को ‘सुपर फूड’ के रूप में बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएँ और अनुदान कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। इस मिशन के अंतर्गत दलहन, ज्वार, बाजरा, कुट्टू, कुट्टू और अन्य अनाजों की खेती के लिए किसानों को विशेष सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।

मिलेट्स मिशन: स्वस्थ आहार का नया अध्याय विकास

मिलेट्स मिशन का मूल उद्देश्य लोगों को स्वस्थ आहार की ओर अग्रसर करना है। दलहन में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो मोटापे, मधुमेह और हृदय रोगों से लड़ने में मददगार है। सरकार ने इस मिशन के तहत मिलेट्स आधारित व्यंजन, शाकाहारी और गैर-शाकाहारी दोनों प्रकार के व्यंजनों को प्रोत्साहित किया है। इसके अलावा, मिलेट्स से बने स्नैक्स, बिस्किट, दलिया, और अन्य खाद्य उत्पादों के लिए भी बाजार निर्माण के उपाय किए गए हैं।

किसानों को मिले नई उम्मीद, उत्पादन बढ़ेगा साथ-साथ

किसान इस मिशन से अत्यधिक लाभान्वित हो रहे हैं। सरकार ने मिलेट्स की खेती के लिए 15% तक की सब्सिडी, बीज और उर्वरक सहायता, और जल संरक्षण के लिए ड्रिप इरिगेशन और सूखा प्रतिरोधी किस्मों का प्रावधान किया है। इसके अतिरिक्त, किसानों को प्रशिक्षण कार्यक्रम, कृषि विज्ञान के नवीनतम उपकरण और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बाजार की मांग के बारे में जानकारी भी दी जा रही है। इस मिशन के तहत 10,000 से अधिक किसानों ने मिलेट्स की खेती शुरू कर दी है और 2028 तक 3 करोड़ टन की उत्पादन क्षमता का अनुमान है।

सभी आयु वर्ग के लिए मिलेट्स का महत्व

मिलेट्स का सेवन सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए लाभकारी है। बच्चों में यह तंत्रिका तंत्र के विकास में मदद करता है, बुजुर्गों में हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए कैल्शियम और आयरन की आपूर्ति करता है, और गर्भवती महिलाओं के लिए फोलिक एसिड का उत्कृष्ट स्रोत है। इसके अलावा, मिलेट्स को कम पानी और कम रासायनिक उर्वरक के साथ भी उगाया जा सकता है, जिससे यह पर्यावरण के प्रति अनुकूल है।

भविष्य की दिशा: मिलेट्स से समृद्ध भारत भविष्य

मिलेट्स मिशन का दीर्घकालिक लक्ष्य भारत को पोषण सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्वावलंबी बनाना है। सरकार ने इस मिशन को ‘मिलेट्स से समृद्ध भारत भविष्य’ के रूप में नामित किया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आने वाली पीढ़ियों को पोषक तत्वों से भरपूर आहार उपलब्ध हो। इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारतीय मिलेट्स का निर्यात बढ़ाने की योजना है, जिससे देश को आर्थिक रूप से भी लाभ होगा।

निष्कर्ष

मिलेट्स मिशन एक समग्र पहल है जो किसानों की आय, उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्थिरता को एक साथ जोड़ता है। इस मिशन के माध्यम से भारत ने पोषण सुरक्षा और कृषि विकास के नए मानदंड स्थापित किये हैं। यदि सभी हितधारक मिलकर इस मिशन को आगे बढ़ाते रहें, तो हम एक स्वस्थ, समृद्ध और स्वावलंबी भारत की ओर अग्रसर हो सकते हैं।