माता भगवती देवी शर्मा की स्मृति में डाक टिकट का विमोचन करते लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया।

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माता भगवती देवी शर्मा की स्मृति में डाक टिकट का विमोचन करते लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया।

माता भगवती देवी शर्मा की स्मृति में विशेष डाक टिकट का विमोचन 31 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के लोकसभा भवन में हुआ। इस कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाग लिया, और दोनों ने इस ऐतिहासिक क्षण को राष्ट्रीय इतिहास के पन्नों पर अंकित किया। माता भगवती देवी शर्मा, जो शिक्षा और समाजसेवा की मशहूर हस्ती थीं, की याद में यह डाक टिकट जारी करना भारतीय डाक सेवा की एक नई पहल है, जो उनकी सामाजिक योगदान को सम्मानित करती है।

आज स्मृति में विशेष डाक टिकट का अनावरण

डाक टिकट के अनावरण के दौरान, ओम बिरला ने एक विशेष पृष्ठ पर माता भगवती देवी शर्मा की तस्वीर और उनके कार्यों का संक्षिप्त वर्णन प्रस्तुत किया। टिकट पर उनके नाम के साथ “सामाजिक कार्यकर्ता” का शीर्षक भी अंकित है, जिससे यह टिकट न केवल संग्रहणीय वस्तु बनता है, बल्कि समाज में उनके योगदान की याद दिलाता है।

आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का प्रेरणादायक भाषण

ओम बिरला ने भाषण में माता भगवती देवी शर्मा के कार्यों को देशभक्ति, शिक्षा और महिलाओं के सशक्तिकरण के संदर्भ में उजागर किया। उन्होंने कहा कि “उनकी शिक्षण पद्धति और समाजसेवा ने लाखों लोगों के जीवन में बदलाव लाया है।” उनका भाषण भावुक और प्रेरणादायक था, जिसने उपस्थित सभी लोगों को गहराई से प्रभावित किया।

आज केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की भावुक उपस्थिति

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने डाक टिकट के अनावरण के बाद माता भगवती देवी शर्मा के कार्यों पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे उनके प्रयासों ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को ऊँचा किया। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी मानार्थ बना दिया।

माता भगवती देवी शर्मा की सामाजिक विरासत और योगदान

माता भगवती देवी शर्मा का जन्म 1928 में हुआ था। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाई और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई विद्यालय स्थापित किये। उनके द्वारा शुरू की गई ‘साक्षरता अभियान’ ने ग्रामीण महिलाओं को पढ़ने-लिखने का कौशल सिखाया। उन्होंने समाज में भेदभाव को समाप्त करने के लिए भी कई कार्यक्रम चलाए, जिससे समाज में समानता और समावेशन की भावना जागृत हुई।

निष्कर्ष

इस डाक टिकट के विमोचन से न केवल माता भगवती देवी शर्मा की स्मृति को सम्मानित किया गया, बल्कि उनके द्वारा स्थापित सामाजिक मूल्यों को भी नई दिशा मिली। यह कार्यक्रम हमें याद दिलाता है कि शिक्षा और समाजसेवा के माध्यम से हम समाज को बेहतर बना सकते हैं। हमें उनके आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए समाज में समानता और समृद्धि की दिशा में कार्य करना चाहिए।