सूरत सेप्टिक टैंक हादसे पर NHRC का बड़ा कदम
गुजरात के सूरत जिले में हुए सूरत सेप्टिक टैंक हादसे को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लिया है। इस हादसे में चार मजदूरों की मौत हो गई थी, जिसके बाद आयोग ने मामले को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन माना है।
चार मजदूरों की हुई थी मौत
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सूरत सेप्टिक टैंक हादसा 7 जून को एक आभूषण निर्माण इकाई में हुआ। मजदूर टैंक की सफाई के लिए अंदर उतरे थे। इस दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से उनकी हालत बिगड़ गई और बाद में अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
सुरक्षा नियमों पर उठे सवाल
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मजदूरों ने सफाई के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का उपयोग नहीं किया था। सूरत सेप्टिक टैंक हादसे के बाद कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
NHRC ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
आयोग ने गुजरात के मुख्य सचिव और सूरत पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया है। NHRC ने दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में जांच की वर्तमान स्थिति और मृतकों के परिजनों को दी गई सहायता का पूरा विवरण शामिल करने को कहा गया है।
मानवाधिकार उल्लंघन का मामला
NHRC का कहना है कि यदि मीडिया रिपोर्ट्स में दी गई जानकारी सही पाई जाती है, तो सूरत सेप्टिक टैंक हादसा मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला माना जाएगा। आयोग इस घटना की पूरी जानकारी प्राप्त करने के बाद आगे की कार्रवाई करेगा।
जांच पर टिकी सभी की नजर
सूरत सेप्टिक टैंक हादसे के बाद प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर जांच जारी है। अब सभी की नजर आयोग को सौंपी जाने वाली रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों पर टिकी हुई है।



