राजस्व विभाग की विशेष सचिव दिव्या मित्तल ने गत दिनों एनआईसी सभामां विंध्यवासिनी का दर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सभामां के इतिहास और महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की।
विशेष सचिव दिव्या मित्तल की एनआईसी सभामां की यात्रा
राजस्व विभाग की विशेष सचिव दिव्या मित्तल ने गत दिनों एनआईसी सभामां विंध्यवासिनी का दर्शन किया, जिसे उन्होंने व्यापक रूप से जानने के लिए एक अवसर के रूप में माना। इस दौरान उन्होंने सभामां के इतिहास और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
एनआईसी सभामां का महत्व
एनआईसी सभामां विंध्यवासिनी एक ऐतिहासिक स्थल है, जो 19वीं शताब्दी के दौरान बनाया गया था। यहाँ पर महाराणी विंध्यवासिनी के नाम पर एक भव्य सभामां का निर्माण किया गया था, जो राजस्थान की संस्कृति और इतिहास का प्रतीक है।
विशेष सचिव दिव्या मित्तल की प्रतिक्रिया
विशेष सचिव दिव्या मित्तल ने एनआईसी सभामां के दर्शन के बाद कहा, “यह एक अद्वितीय अनुभव था। एनआईसी सभामां विंध्यवासिनी का इतिहास और महत्व समझने के लिए एक अवसर के रूप में यहाँ आयी थी। मैंने यहाँ के भव्य सभामां और इसके ऐतिहासिक महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की।”
राजस्व विभाग की पहल
राजस्व विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, दिव्या मित्तल का एनआईसी सभामां का दर्शन किया गया था, ताकि वे विभाग की पहलों के लिए प्रेरणा प्राप्त कर सकें। यह पहल एनआईसी सभामां के संरक्षण और संरक्षित किए जाने के लिए की जा रही है।
निष्कर्ष
एनआईसी सभामां विंध्यवासिनी का दर्शन करती राजस्व विभाग की विशेष सचिव दिव्या मित्तल ने अपने ऐतिहासिक महत्व और सांस्कृतिक महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की। यह पहल एनआईसी सभामां के संरक्षण और संरक्षित किए जाने के लिए की जा रही है, जो राजस्थान की संस्कृति और इतिहास का प्रतीक है।


