निर्जला एकादशी का पावन पर्व कठुआ में दिखा देवी भक्ति

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निर्जला एकादशी का त्योहार कठुआ में मनाया जाता है

कठुआ में निर्जला एकादशी का पर्व निरन्तर धार्मिक श्रद्धा और समर्पण के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व हिंदू धर्म में बहुत महत्व रखता है, जिसमें लोग व्रत-उपवास रखकर भगवान विष्णु की आराधना करते हैं।

धार्मिक श्रद्धा का पर्व

निर्जला एकादशी का पर्व पूरे कठुआ जिले में बड़े उत्साह और धार्मिक भावना के साथ मनाया जा रहा है। लोग अपने घरों को साफ-सुथरा रखते हुए भगवान विष्णु की पूजा करने के लिए विशेष तैयारी करते हैं। इस दौरान लोग भगवान विष्णु की आराधना करने के लिए विशेष पूजा पाठ करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए व्रत-उपवास रखते हैं।

भगवान विष्णु की आराधना

निर्जला एकादशी के दिन लोग भगवान विष्णु की आराधना करने के लिए विशेष पूजा पाठ करते हैं। इस दौरान लोग भगवान विष्णु के मंदिरों में जाकर उनकी पूजा करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए व्रत-उपवास रखते हैं। भगवान विष्णु की आराधना करने के लिए लोग विशेष पूजा पाठ करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए व्रत-उपवास रखते हैं।

उपवास और व्रत

निर्जला एकादशी के दिन लोग उपवास और व्रत रखने के लिए विशेष तैयारी करते हैं। इस दौरान लोग भगवान विष्णु की आराधना करने के लिए विशेष पूजा पाठ करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए व्रत-उपवास रखते हैं। उपवास और व्रत रखने से लोगों को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और उनके जीवन में सुख-शांति आती है।

धार्मिक समाज की भागीदारी

निर्जला एकादशी के पर्व में पूरे कठुआ जिले के लोगों ने अपनी पूरी भागीदारी दिखाई है। लोग अपने घरों को साफ-सुथरा रखते हुए भगवान विष्णु की पूजा करने के लिए विशेष तैयारी करते हैं। इस दौरान लोग भगवान विष्णु की आराधना करने के लिए विशेष पूजा पाठ करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए व्रत-उपवास रखते हैं।

निष्कर्ष

निर्जला एकादशी का पर्व धार्मिक श्रद्धा और समर्पण के साथ मनाया जा रहा है। इस पर्व में लोग भगवान विष्णु की आराधना करने के लिए विशेष पूजा पाठ करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए व्रत-उपवास रखते हैं। उपवास और व्रत रखने से लोगों को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और उनके जीवन में सुख-शांति आती है।

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