🏛️ एक ऐतिहासिक राजनीतिक सफर
नीतीश कुमार का नीतीश कुमार राजनीतिक सफर भारतीय राजनीति में एक अनोखी पहचान रखता है। उन्होंने विधायक से लेकर सांसद, मुख्यमंत्री और अब राज्यसभा सदस्य बनने तक का लंबा सफर तय किया है।
📊 विधान परिषद में लंबा कार्यकाल
नीतीश कुमार पहली बार 2006 में बिहार विधान परिषद के सदस्य बने। इसके बाद 2012, 2018 और 2024 में लगातार चार बार उन्होंने सदस्यता हासिल की।
🗳️ विधानसभा चुनाव से दूरी
2005 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने हमेशा विधान परिषद के जरिए मुख्यमंत्री पद संभाला और विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा।
🇮🇳 चारों सदनों के सदस्य बनने का रिकॉर्ड
नीतीश कुमार ने विधानसभा, लोकसभा, विधान परिषद और अब राज्यसभा—चारों सदनों की सदस्यता हासिल की है। यह उपलब्धि उन्हें भारतीय राजनीति में विशेष स्थान दिलाती है।
🔄 नया राजनीतिक अध्याय
राज्यसभा सदस्य बनने के साथ ही उनके राजनीतिक जीवन में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। 10 अप्रैल को वे राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे।
⚖️ मुख्यमंत्री पद पर स्थिति
विधान परिषद से इस्तीफा देने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है, हालांकि संवैधानिक प्रावधान के तहत वे छह महीने तक पद पर बने रह सकते हैं।



