🐘 नोआमुंडी में हाथी का तांडव, पूरा कोल्हान सहमा
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोआमुंडी प्रखंड में जंगली हाथी के हमले ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। मंगलवार रात जेटेया पंचायत के बाबरिया गांव में हाथी ने एक घर पर हमला कर एक ही परिवार के पांच लोगों की जान ले ली। इस दर्दनाक घटना में पति-पत्नी और उनके तीन मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार का केवल एक बच्चा किसी तरह बच पाया।
ग्रामीणों के अनुसार, मृतकों में सनातन मेराल, उनकी पत्नी जोंकों कुई, उनके दो छोटे बच्चे और गांव के ही मोगदा लागुरी शामिल हैं। सभी लोग घर में सो रहे थे, तभी हाथी ने घर को तोड़ते हुए हमला किया।
🔴 दो अन्य गांवों में भी मौत
हाथी का आतंक यहीं नहीं रुका।
- बड़ा पासीया गांव में एक ग्रामीण की मौत
- लांपाईसाई गांव में भी एक व्यक्ति को हाथी ने कुचल दिया
इन दोनों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन हमला उसी पैटर्न पर हुआ – रात में घरों पर धावा।
📈 10 दिनों में 20 से ज्यादा मौतें
स्थानीय लोगों का दावा है कि पिछले 10 दिनों में कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में हाथी हमलों से 20 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस सरकारी कार्रवाई नहीं हुई।
🏕️ गांव खाली कर रहे लोग
भय के माहौल में कई गांवों के लोग रात होते ही घर छोड़कर
रोवाम और अन्य सुरक्षित इलाकों में शरण लेने को मजबूर हैं।
महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे रात गुजार रहे हैं।
🚨 वन विभाग नहीं पहुंच पाया
यह इलाका नक्सल प्रभावित होने के कारण
बुधवार सुबह तक वन विभाग की टीम भी गांव नहीं पहुंच पाई, जिससे हालात और भयावह बने हुए हैं।




