वैशाख अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने सेठानी घाट पर लगाई आस्था की डुबकी, चित्रकूट में बैसाखी सतुहाई अमावस्या मेला शुरू

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नर्मदापुरम/ भाेपाल/ सतना, 27 अप्रैल (हि.स.)। देशभर में आज (रविवार काे) वैशाख अमावस्या (सत्तू अमावस्या) मनाई जा रही है। इस खास अवसर पर नर्मदापुरम के प्राचीन सेठानी घाट समेत जिले भर के घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में स्नान किया और सत्तू का दान कर पुण्य लाभ लिया। वहीं चित्रकूट में बैसाखी सतुहाई अमावस्या के अवसर पर भगवान कामतानाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु सुबह 3 बजे से ही मंदाकिनी नदी में स्नान कर रहे हैं। इसके बाद वे कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा कर रहे हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।

नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर रविवार अलसुबह 5 बजे से स्नान का सिलसिला शुरू हुआ जाे कि शाम तक चलता रहेगा। नर्मदापुरम समेत इटारसी, भोपाल, विदिशा, रायसेन, बैतूल सहित दूरदराज क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालु नर्मदा नदी में स्नान करने पहुंचे है। प्राचीन सेठानी घाट, कोरी घाट, पर्यटन घाट, विवेकानंद घाट, बांद्रा बांध घाट, सांडिया घाट, बाबरी घाट, आंवली घाट सहित सभी घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। नर्मदा नदी में स्नान कर पूजा-पाठ की जा रही है। इस अमावस्या पर सत्तू दान करने का महत्व है। जिसके चलते श्रद्धालु भी नर्मदा तट पर सत्तू का दान कर रहे हैं।

मठ-मंदिरों में करते है सत्तू दान

भगवान कामतानाथ चित्रकूट के मुख्य आराध्य देव हैं। मान्यता है कि कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। बैसाखी अमावस्या पर सत्तू दान का विशेष महत्व है। कामदगिरि प्रदक्षिणा प्रमुख द्वार के महंत मदनगोपाल दास के अनुसार, इस दिन बड़ी संख्या में किसान मठ-मंदिरों में सत्तू दान करते हैं। वे इससे पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं। स्नान के बाद कई श्रद्धालुओं ने तट पर बैठे भिक्षुक व परिक्रमा वासियों को सत्तू व अन्य धान्य का वितरण किया।

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