🔹 पाकिस्तान में शिक्षा की गंभीर स्थिति
Pakistan Education Crisis को लेकर एक नई रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है।
रिपोर्ट के अनुसार देश में करोड़ों बच्चे आज भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
🔹 2.5 करोड़ बच्चे शिक्षा से बाहर
इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल एंड पॉलिसी साइंसेज की रिपोर्ट चौंकाने वाली है।
इसके अनुसार Pakistan Education Crisis के तहत 25 मिलियन बच्चे स्कूल से बाहर हैं।
🔹 परिवारों पर बढ़ा बोझ
रिपोर्ट बताती है कि शिक्षा का खर्च अब आम परिवार उठा रहे हैं।
इस कारण Pakistan Education Crisis और गहरा होता जा रहा है।
🔹 सरकारी निवेश में गिरावट
सरकार का शिक्षा बजट घटकर 220 अरब रुपये रह गया है।
वहीं जनता का खर्च 280 अरब रुपये तक पहुंच गया है।
🔹 निजी शिक्षा पर निर्भरता
अधिकांश अभिभावक निजी स्कूलों की ओर रुख कर रहे हैं।
यह प्रवृत्ति Pakistan Education Crisis का अहम संकेत मानी जा रही है।
🔹 फीस और ट्यूशन का दबाव
माता-पिता स्कूल फीस और कोचिंग पर भारी रकम खर्च कर रहे हैं।
इससे Pakistan Education Crisis सामाजिक असमानता को बढ़ा रहा है।
🔹 विशेषज्ञों की चेतावनी
आईएसपीएस के निदेशक डॉ. सलमान हुमायूं ने इसे समानता संकट बताया।
उनके अनुसार Pakistan Education Crisis भविष्य के लिए खतरनाक है।
🔹 विश्व बैंक की राय
विश्व बैंक की विशेषज्ञ अजा फारुख ने चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि परिवार सरकारी शिक्षा से दूर जा रहे हैं।
🔹 नीति पर सवाल
विशेषज्ञ मानते हैं कि मौजूदा शिक्षा नीति प्रभावी नहीं है।
इसी वजह से Pakistan Education Crisis लगातार गंभीर होता जा रहा है।
🔹 सुधार की जरूरत
रिपोर्ट में शिक्षा व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की गई है।
ताकि Pakistan Education Crisis से बच्चों का भविष्य बचाया जा सके।




