यमुना में जहर घोल रहे पानीपत के उद्योग, 51 अवैध रसायनिक पॉइंट चिन्हित

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🔹 यमुना में बढ़ता प्रदूषण, पानीपत के उद्योग जिम्मेदार

हरियाणा के पानीपत जिले में स्थित कई उद्योग यमुना नदी को गंभीर रूप से प्रदूषित कर रहे हैं। हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के नौ जिलों से गुजरने वाले 11 बरसाती नालों के जरिए रसायन युक्त पानी यमुना में छोड़ा जा रहा है।

🔹 पानीपत का नाला नंबर दो बना सबसे बड़ा खतरा

पानीपत का बरसाती नाला नंबर दो इस समय सबसे अधिक खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है। यह नाला रसलापुर और सनौली होते हुए सीधे यमुना नदी में मिलता है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस नाले के किनारे 51 अवैध बिंदु चिन्हित किए गए हैं, जहां से फैक्ट्रियां रसायनिक अपशिष्ट नाले में छोड़ रही हैं।

🔹 रात के अंधेरे में हो रहा जहरीला डिस्चार्ज

आरोप है कि कई उद्योग ट्रैक्टर और टैंकरों के माध्यम से रात में चोरी-छिपे रसायन युक्त पानी नाले में डालते हैं। इससे न केवल यमुना का पानी दूषित हो रहा है, बल्कि भूजल भी जहरीला बनता जा रहा है।

🔹 आसपास के गांवों में पीने का पानी असुरक्षित

नाले से सटे गांवों में हैंडपंप और बोरवेल से निकलने वाला पानी रंगीन और दूषित हो चुका है। यह पानी अब पीने योग्य नहीं रहा, जिससे स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

🔹 प्रशासन की सख्ती, होगी कार्रवाई

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि चिन्हित किए गए सभी 51 अवैध डिस्चार्ज पॉइंट स्थायी रूप से बंद किए जाएंगे।
इसके अलावा, जिम्मेदार अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
रात में विशेष गश्त बढ़ाई जाएगी, और अवैध रूप से कचरा डालने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

🔹 Panipat Industries Polluting Yamuna बना गंभीर पर्यावरणीय मुद्दा

Panipat Industries Polluting Yamuna अब केवल एक स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर पर्यावरणीय संकट बनता जा रहा है। यदि जल्द कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह यमुना और भूजल दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

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