हरियाणा के पानीपत जिले के गांव मनाना की सरपंच रेखा पर पंचायत भूमि और विकास कार्यों में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। इस मामले में जिला उपायुक्त कार्यालय ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) समालखा की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
📜 18 एकड़ पंचायत भूमि की बोली गायब
नोटिस के अनुसार ग्राम पंचायत ने 18 एकड़ भूमि की बोली लगाई थी, लेकिन यह बोली सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं की गई। आरोप है कि इस बोली की राशि को सरपंच द्वारा जब्त कर लिया गया।
इसके अलावा यह भूमि, जो वर्षों से पट्टे पर दी जा रही थी, हालिया पट्टों में शामिल नहीं की गई, जबकि निरीक्षण के दौरान यह खेती के अधीन पाई गई।
🏡 आवासीय योजना की जमीन पर अवैध पट्टे
जांच में सामने आया कि खसरा नंबर 49/4-5 और 50/1 की लगभग 3 एकड़ भूमि, जो महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना 2008 के तहत 100-100 वर्ग गज के प्लॉट के लिए आरक्षित थी, उसे अवैध रूप से पट्टे पर दे दिया गया।
जबकि इन प्लॉटों की रजिस्ट्री पहले ही लाभार्थियों के नाम हो चुकी थी।
⚖️ पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई संभव
जांच रिपोर्ट में सरपंच पर पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है। अब उनके खिलाफ हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 के तहत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
🗣️ सरपंच प्रतिनिधि ने आरोपों को बताया झूठा
सरपंच प्रतिनिधि प्रवीण ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि:
“कुछ शरारती तत्व पैसे की मांग पूरी न होने पर झूठी शिकायतें कर रहे हैं। प्रशासन की जांच अभी पूरी नहीं हुई है।”




