आईपीएल 2025 से बाहर होने पर, एलएसजी के कप्तान ऋषभ पंत बोले- ‘कई गैप थे जिन्हें भरना मुश्किल हो गया’

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लखनऊ, 20 मई (हि.स.)। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 में लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) का सफर सोमवार को आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया जब सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) ने उन्हें हराकर प्लेऑफ की दौड़ से बाहर कर दिया। मुकाबले के बाद कप्तान ऋषभ पंत ने टीम के प्रदर्शन पर खुलकर बात की और बताया कि चोटिल खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी ने टीम को काफी नुकसान पहुँचाया।

पंत ने कहा, “यह हमारे लिए सबसे अच्छा सीजन नहीं रहा। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही हमें अंदाज़ा था कि चोटों के कारण कई गैप हैं। हमने सोचा कि इस बारे में बात नहीं करेंगे, लेकिन इन गैप्स को भरना मुश्किल होता चला गया।”

एलएसजी के लिए तेज़ गेंदबाज़ी विभाग सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ। मोहसिन खान पूरे सीजन से बाहर रहे, जबकि तेज़ गेंदबाज़ मयंक यादव, जिन पर टीम ने काफी भरोसा जताया था, ज्यादातर समय चोटिल रहे। मयंक की वापसी भी लंबी नहीं चल सकी और वह दोबारा कमर की चोट से जूझते नज़र आए। इसके अलावा अवेश खान और आकाश दीप भी फिटनेस समस्याओं से जूझते रहे और सीजन के बीच में ही टीम से जुड़ सके।

ऋषभ पंत ने आगे कहा, “हमने जिस तरह से नीलामी की योजना बनाई थी, अगर वही गेंदबाज़ी अटैक होता तो शायद कहानी अलग होती। लेकिन यही क्रिकेट है, कभी चीजें आपके पक्ष में जाती हैं, तो कभी नहीं। हमें उन सकारात्मक बातों पर फोकस करना चाहिए जो हमें आगे बढ़ा सकती हैं।”

एलएसजी की बल्लेबाज़ी में इस सीजन दम ज़रूर दिखा। मिशेल मार्श और एडेन मार्करम की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत टीम ने 205 रन बनाए, हालांकि पंत के मुताबिक यह स्कोर “कम से कम 10 रन कम” था। एसआरएच ने यह लक्ष्य सिर्फ 10 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया।

बावजूद इसके, कुछ सकारात्मक पहलू भी एलएसजी के लिए रहे। युवा लेग स्पिनर दिग्वेश राठी ने अपने डेब्यू सीजन में शानदार प्रदर्शन किया। 25 वर्षीय गेंदबाज़ ने 12 मैचों में 14 विकेट झटके और उनकी इकॉनमी 8.08 रही। सोमवार को भी उन्होंने 2 विकेट लिए और सबसे प्रभावशाली गेंदबाज़ रहे।

पंत ने कहा, “राठी ने जिस तरह से गेंदबाज़ी की, वह देखने में बहुत अच्छा रहा। वह हमारे लिए इस सीजन की सबसे बड़ी सकारात्मक चीज़ों में से एक रहे।”

सीजन के दो हिस्सों का अंतर बताते हुए पंत ने कहा, “शुरुआत में हमने चीजों को संभाला, खिलाड़ी अच्छा खेल रहे थे, लेकिन जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ा, अच्छे प्रदर्शन कर रही टीमों के खिलाफ पकड़ बनाना मुश्किल होता गया।”

एलएसजी भले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई हो, लेकिन कुछ व्यक्तिगत प्रदर्शन और खिलाड़ियों की वापसी भविष्य के लिए टीम को उम्मीद जरूर देंगे।

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