🔹 पैरा आर्मरेसलिंग को मिली बड़ी सफलता
पैरा आर्मरेसलिंग ने बड़ा अंतरराष्ट्रीय मानक हासिल किया है।
अब इस खेल की पैरालंपिक में एंट्री की राह आसान हुई।
ब्रिस्बेन 2032 को लेकर खिलाड़ियों में उत्साह बढ़ गया है।
🔹 क्या है नया अपडेट?
International Paralympic Committee ने नई पुष्टि की है।
32 से ज्यादा देशों की भागीदारी का मानक पूरा हुआ।
पैरा आर्मरेसलिंग अब वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रहा है।
🔹 भारत के लिए क्यों खास है यह खबर?
People’s ArmWrestling Federation India लगातार खिलाड़ियों को मंच दे रही है।
देश में कई प्रतिभाशाली पैरा खिलाड़ी उभरकर सामने आए हैं।
पैरा आर्मरेसलिंग में भारत मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
🔹 किन खिलाड़ियों को मिला फायदा?
चंदन कुमार बेहरा और बुट्टा सिंह जैसे खिलाड़ियों को पहचान मिली।
प्रो पंजा लीग ने पैरा वर्ग को लगातार बढ़ावा दिया।
पैरा आर्मरेसलिंग को नई पहचान मिलने लगी है।
🔹 क्या बोले आयोजक?
परवीन डबास ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया।
प्रीति झंगियानी ने भारतीय खिलाड़ियों की क्षमता पर भरोसा जताया।
पैरा आर्मरेसलिंग को भविष्य का बड़ा खेल माना जा रहा है।



