🔹 जन्म शताब्दी पर सम्मान
सोमवार को Parvati Giri Tribute का ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरि को नमन किया।
🔹 सोशल मीडिया संदेश
प्रधानमंत्री ने एक्स पर भावुक संदेश साझा किया।
उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को सराहा।
🔹 स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका
मोदी ने कहा कि पार्वती गिरि ने आज़ादी की लड़ाई मजबूत की।
औपनिवेशिक शासन के खिलाफ उनका संघर्ष प्रेरणादायक था।
🔹 समाज सेवा का जिक्र
Parvati Giri Tribute में उनकी सामाजिक सेवा को रेखांकित किया गया।
स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण में उनका काम अहम रहा।
🔹 सांस्कृतिक योगदान
उन्होंने स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी बढ़ावा दिया।
समुदाय के उत्थान के लिए जीवनभर समर्पित रहीं।
🔹 ‘मन की बात’ में उल्लेख
प्रधानमंत्री ने 28 दिसंबर को ‘मन की बात’ में भी उनका जिक्र किया।
उन्होंने कहा था कि जनवरी में जन्म शताब्दी मनाई जाएगी।
🔹 गरीबों के लिए काम
पार्वती गिरि ने गरीब और वंचित वर्गों के लिए संघर्ष किया।
उनका जीवन सेवा और करुणा का उदाहरण रहा।
🔹 ओडिशा की महान बेटी
वह ओडिशा की प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थीं।
उन्हें “पश्चिमी ओडिशा की मदर टेरेसा” कहा जाता है।
🔹 ऐतिहासिक पहचान
1926 में जन्मीं पार्वती गिरि 1995 तक सक्रिय रहीं।
उनकी विरासत आज भी समाज को प्रेरित करती है।
🔹 राष्ट्रीय प्रेरणा
Parvati Giri Tribute ने नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ा।
उनका जीवन त्याग और साहस का प्रतीक है।
🔹 महिला नेतृत्व
उन्होंने दिखाया कि महिलाएं समाज बदल सकती हैं।
यह Parvati Giri Tribute महिलाओं के लिए प्रेरणा है।
🔹 यादगार श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री की श्रद्धांजलि ने उनका योगदान अमर कर दिया।
Parvati Giri Tribute राष्ट्र के लिए गर्व का क्षण है।



