पटना जिले में बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम (RTPS) और बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम से जुड़े मामलों की समीक्षा जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस. एम. ने की। इस दौरान जिले की प्रगति को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप बताते हुए संतोष व्यक्त किया गया।
🔍 समय सीमा में निस्तारण पर ज़ोर
जिलाधिकारी ने सभी लोक प्राधिकारों और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
💰 आरटीपीएस लाभ में देरी पर सख्ती
डीएम ने कहा कि आरटीपीएस के तहत लाभुकों को मिलने वाली लोक-कल्याणकारी योजनाओं की राशि में किसी भी प्रकार की देरी, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राशन कार्ड निर्माण को लेकर भी उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इसमें किसी भी तरह का विलंब अस्वीकार्य है।
⚖️ दंड और उपस्थिति पर निर्देश
लोक शिकायत निवारण मामलों में लगाए गए दंड की राशि तीन दिनों के भीतर जमा कराने का निर्देश दिया गया।
साथ ही सुनवाई के दौरान लोक प्राधिकारों की 100% उपस्थिति अनिवार्य करने को कहा गया।
आरटीपीएस के तहत एक्सपायर्ड मामलों में संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी या भूमि सुधार उप समाहर्ता को लोक प्राधिकारों पर कानूनी रूप से दंड लगाने के निर्देश भी दिए गए।
🗂️ भूमि विवादों पर साप्ताहिक निगरानी
हर अंचल में अंचल अधिकारी और थानाध्यक्ष की संयुक्त शनिवार बैठक नियमित रूप से कराने के निर्देश दिए गए।
अनुमंडल पदाधिकारियों को भी अपने क्षेत्र के किसी एक अंचल में शनिवार को बैठक कर भूमि विवादों की समीक्षा करने को कहा गया।
🧑⚖️ जनता की संतुष्टि प्राथमिक
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा —
“सिर्फ परिवादों का निष्पादन पर्याप्त नहीं है, जनता की संतुष्टि भी अनिवार्य है।”




