पौड़ी में कारगिल विजय दिवस के आयोजन का गौरवशाली अवसर।
कारगिल विजय दिवस का पर्व हर साल जून माह में आता है, लेकिन इस बार पौड़ी में इसे 26 जुलाई को मनाया गया। यह पर्व भारतीय सेना की विजय का प्रतीक है, जिसने 1999 में कारगिल के उच्चतम शिखरों पर पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ दिया था।
सैनिकों का स्वागत
कार्यक्रम के दौरान, पौड़ी के लोगों ने भारतीय सेना के सैनिकों का स्वागत किया। सैनिकों को गर्म जूते, पानी और अन्य सुविधाएं प्रदान की गईं। स्थानीय लोगों ने सैनिकों के लिए विशेष भोजन भी तैयार किया।
कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत पौड़ी के मुख्य बाजार से हुई। यहां पर सैनिकों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद, सैनिकों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर झंडा फहराया और कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
सैनिकों की शौर्य गाथा
कार्यक्रम के दौरान, सैनिकों की शौर्य गाथा को सुनाया गया। सैनिकों ने अपनी बहादुरी और बलिदान के अनecdotes को साझा किया। सैनिकों ने बताया कि कैसे उन्होंने कारगिल के उच्चतम शिखरों पर पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ दिया था।
निष्कर्ष
कारगिल विजय दिवस का पर्व भारतीय सेना की विजय का प्रतीक है। यह पर्व सैनिकों की बहादुरी और बलिदान को सम्मानित करता है। पौड़ी में कार्यक्रम के आयोजित होने से सैनिकों को सम्मान और प्रशंसा मिली। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि देश की रक्षा करने वाले सैनिक हमारे लिए बहुत कुछ करते हैं।



