फ्रांस के नीस में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते पीयूष गोयल
फ्रांस के नीस में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, भारत के पूर्व ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच ऊर्जा सहयोग में नए आयाम जोड़ने का समय है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए काम करने की आवश्यकता है।
भारत और फ्रांस के बीच ऊर्जा सहयोग
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच ऊर्जा सहयोग के कई अवसर हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच नाभिकीय ऊर्जा सहयोग के लिए कई समझौते हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत के लिए फ्रांस का समर्थन महत्वपूर्ण है, जो भारत को ऊर्जा सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
नई ऊर्जा तकनीकों पर काम
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए नई ऊर्जा तकनीकों पर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सौर ऊर्जा और वायु ऊर्जा सहित नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग के अवसर हैं।
भारत की ऊर्जा जरूरतें
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की ऊर्जा जरूरतें बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा जरूरतें 2025 तक 1,400 गीगावॉट तक पहुंच जाएंगी। उन्होंने कहा कि भारत को ऊर्जा सुरक्षा के लिए मजबूत सहयोग की आवश्यकता है।
फ्रांस का समर्थन
पीयूष गोयल ने कहा कि फ्रांस का समर्थन भारत के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि फ्रांस का समर्थन भारत को ऊर्जा सुरक्षा के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच सहयोग के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए काम करने की आवश्यकता है।
निष्कर्ष
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच ऊर्जा सहयोग में नए आयाम जोड़ने का समय है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा जरूरतें बढ़ रही हैं और फ्रांस का समर्थन भारत के लिए महत्वपूर्ण है।



