प्रधानमंत्री मोदी ने संस्कृत श्लोक से दिया ज्ञान और विवेक का संदेश

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प्रधानमंत्री मोदी ने श्लोक के माध्यम से ज्ञान और विवेक का दिया संदेश

नई दिल्ली, 20 जनवरी (हि.स.) — प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को एक प्राचीन संस्कृत श्लोक साझा कर ज्ञान, विवेक और प्राथमिकता का गहरा संदेश दिया। यह पोस्ट PM Modi Sanskrit shlok message के रूप में सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

📜 साझा किया गया श्लोक

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा:

“अनन्तशास्त्रं बहुलाश्च विद्याः अल्पश्च कालो बहुविघ्नता च।
यत्सारभूतं तदुपासनीयं हंसो यथा क्षीरमिवाम्बुमध्यात्॥”

📖 श्लोक का अर्थ

इस श्लोक का आशय है कि:

  • शास्त्र अनंत हैं,
  • विद्याएं बहुत हैं,
  • समय सीमित है,
  • बाधाएं अनेक हैं,

इसलिए व्यक्ति को सारभूत ज्ञान को ही ग्रहण करना चाहिए—ठीक वैसे ही जैसे हंस पानी से केवल दूध अलग कर लेता है और शेष छोड़ देता है।

🎯 प्रधानमंत्री का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने इस श्लोक के जरिए बताया कि:

  • आधुनिक जीवन की भागदौड़ में सही निर्णय जरूरी है,
  • अनावश्यक जानकारी से बचना चाहिए,
  • उपयोगी ज्ञान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए,
  • विवेक के साथ प्राथमिकताएं तय करनी चाहिए।

👥 किसके लिए संदेश?

यह संदेश सिर्फ छात्रों के लिए नहीं, बल्कि:

  • युवाओं,
  • पेशेवरों,
  • शिक्षकों,
  • नीति-निर्माताओं और
  • आम नागरिकों—सभी के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में सूचना की अधिकता के बीच यह श्लोक सही ज्ञान चुनने की मार्गदर्शिका है।

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