प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ घटक का विस्तार

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प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का विस्तार

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) के ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ (पीडीएमसी) घटक के तहत वर्ष 2020-21 की तुलना में 2024-25 में सूक्ष्म सिंचाई के दायरे में काफी वृद्धि देखी गई है। यह घटक कृषि उत्पादन में वृद्धि और सिंचाई के लिए पानी की बचत को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

सूक्ष्म सिंचाई का महत्व

सूक्ष्म सिंचाई एक ऐसी तकनीक है जो किसानों को उनकी फसलों को पानी की कमी के समय भी सिंचाई प्रदान करने में मदद करती है। यह तकनीक कृषि उत्पादन में वृद्धि और सिंचाई के लिए पानी की बचत को बढ़ावा देने में मदद करती है। पीडीएमसी घटक के तहत, सरकार ने किसानों को सूक्ष्म सिंचाई के लिए आवश्यक सामग्री और तकनीक प्रदान करने के लिए काम किया है।

वर्ष 2020-21 और 2024-25 की तुलना

वर्ष 2020-21 और 2024-25 की तुलना में सूक्ष्म सिंचाई के दायरे में काफी वृद्धि देखी गई है। वर्ष 2020-21 में, पीडीएमसी घटक के तहत केवल 1 लाख 25 हजार हेक्टेयर भूमि में सूक्ष्म सिंचाई की गई थी, जबकि वर्ष 2024-25 में इस घटक के तहत 5 लाख 25 हजार हेक्टेयर भूमि में सूक्ष्म सिंचाई की गई है।

सरकार की पहल

सरकार ने सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं। सरकार ने किसानों को सूक्ष्म सिंचाई के लिए आवश्यक सामग्री और तकनीक प्रदान करने के लिए काम किया है। इसके अलावा, सरकार ने सूक्ष्म सिंचाई के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) के ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ (पीडीएमसी) घटक के तहत वर्ष 2020-21 की तुलना में 2024-25 में सूक्ष्म सिंचाई के दायरे में काफी वृद्धि देखी गई है। यह घटक कृषि उत्पादन में वृद्धि और सिंचाई के लिए पानी की बचत को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। सरकार की पहल ने सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देने में मदद की है और किसानों को उनकी फसलों को पानी की कमी के समय भी सिंचाई प्रदान करने में मदद की है।

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