पोंग बांध विस्थापितों की समस्याओं पर हिमाचल-राजस्थान मुख्यमंत्रियों की होगी उच्चस्तरीय बैठक : नेगी
धर्मशाला, 29 नवंबर (हि.स.)। बागवानी एवं राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में शनिवार को उपायुक्त कार्यालय के सभागार में पोंग बांध विस्थापितों की शासी निकाय की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में इंदौरा के विधायक मलेंद्र राजन, देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर और अन्य सदस्य मौजूद रहे।
विस्थापितों की समस्याओं का स्थायी समाधान प्राथमिकता
नेगी ने कहा कि पोंग बांध विस्थापितों की समस्याओं का स्थायी समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। अक्टूबर 2024 में हुई बैठक के बाद कई नीतिगत निर्णयों पर तेजी से प्रगति हुई है। राष्ट्रीय स्तर पर गठित समिति के प्रयासों से राहत के कई कदम उठाए जा चुके हैं।
9,905 विस्थापितों को राजस्थान में भूमि आवंटित
कुल 16,352 में से अब तक 9,905 विस्थापितों को राजस्थान में भूमि आवंटित की जा चुकी है। शेष मामलों पर प्रक्रिया जारी है। नेगी ने बताया कि कुछ केस सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं और राजस्थान सरकार की ओर से भी कुछ कार्य धीमी गति से चल रहे हैं।
सीएम स्तर की बैठक का प्रस्ताव
उन्होंने कहा कि लंबित मामलों, भूमि आवंटन, कोर्ट केस, सर्वेक्षण और मुआवजा जैसे मुद्दों के निपटारे के लिए हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक की जरूरत है। इस संबंध में मुख्यमंत्री को अनुरोध भेजा जाएगा।
फ्लड सर्वे के लिए तकनीकी समिति गठित
नेगी ने बताया कि पोंग बांध क्षेत्र में पारिस्थितिक और सामाजिक प्रभावों के वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता है। इसके लिए जल शक्ति विभाग के मुख्य अभियंता (योजना) की अध्यक्षता में तकनीकी समिति बनाई जाएगी, जो व्यापक फ्लड सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
पोड़ा निधि का अधिकतम लाभ देने के निर्देश
इसके बाद पोड़ा निधि बैठक में उन्होंने विस्थापितों को घर मरम्मत और विवाह के लिए दी जाने वाली सहायता का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।




