🔹 Wildlife Conservation Award 2026 से सम्मान
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पर्यावरण संरक्षण का उत्सव मनाया गया।
रेडटेप आंदोलन के प्रणेता प्रभात मिश्रा को सम्मान मिला।
🔹 प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान
उन्हें वर्ष 2026 का निर्मल कुमार जोशी वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार दिया गया।
यह सम्मान वन्यजीव और जैव-विविधता संरक्षण के लिए प्रदान किया गया।
🔹 कहां हुआ आयोजन
कार्यक्रम ग्राम अंधाव, बबेरू में आयोजित किया गया।
आयोजन चण्डी प्रसाद भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र और मंगलभूमि फाउंडेशन ने किया।
🔹 रेडटेप आंदोलन का योगदान
रेडटेप आंदोलन जनभागीदारी पर आधारित एक अभिनव पहल है।
यह आंदोलन पुराने पेड़ों और वन्यजीवों की रक्षा करता है।
🔹 17 वर्षों की सतत साधना
प्रभात मिश्रा पिछले 17 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय हैं।
उन्होंने 2005 में इस आंदोलन की शुरुआत की थी।
🔹 गांव-गांव जागरूकता अभियान
कार्यकर्ता छुट्टियों में गांवों में जाकर पर्यावरण जागरूकता फैलाते हैं।
ग्लोबल वार्मिंग और जैव-विविधता पर चर्चा की जाती है।
🔹 लाल रिबन से संरक्षण संदेश
पुराने पेड़ों पर लाल रिबन बांधकर संरक्षण का संदेश दिया जाता है।
हर सोमवार पौधों की देखरेख इस आंदोलन की पहचान है।
🔹 छात्रों के लिए पर्यावरण संसद
विद्यालयों में ‘पर्यावरण संसद’ का गठन किया गया है।
इसे विश्व का पहला छात्र पर्यावरण संगठन माना जाता है।
🔹 विशेषज्ञों के विचार
ओम प्रकाश भट्ट ने पर्यावरण संकट पर चिंता जताई।
उन्होंने जन-सहभागिता को समाधान का मार्ग बताया।
🔹 जल संरक्षण पर जोर
प्रभात मिश्रा ने जल और वृक्ष संरक्षण को अनिवार्य बताया।
उन्होंने समाज के हर वर्ग से भागीदारी की अपील की।
🔹 अन्य सम्मान भी प्रदान
जल संरक्षण अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं को गांधी-150 सम्मान मिला।
कार्यक्रम में कई पर्यावरणविद और ग्रामीण मौजूद रहे।




