कुमाऊं विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

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नैनीताल, 27 अक्टूबर (हि.स.)। कुमाऊं विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 1972 में हुई थी और यह समारोह 4 नवंबर को आयोजित किया जाएगा।

कुलपति प्रो. दीवान रावत ने सोमवार को प्रेस वार्ता में बताया कि राष्ट्रपति का आगमन अपराह्न 3 बजे प्रस्तावित है। उनके साथ उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी समारोह में उपस्थित रहेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन समारोह को भव्य रूप देने की तैयारी में जुटा है।

प्रो. रावत ने बताया कि यह पहली बार है जब विश्वविद्यालय ने वर्ष 2024 सत्र के सभी विद्यार्थियों को बिना आवेदन के उनकी डिग्रियां घर भेजी हैं। वर्ष 2025 सत्र के 16 हजार से अधिक विद्यार्थियों की डिग्रियां भी छपाई के लिए जा चुकी हैं और दीक्षांत समारोह के दो माह के भीतर उन्हें भेज दिया जाएगा।

इस बार समारोह में अर्थशास्त्र और हिंदी विषयों में तीन डीलिट सहित कुल 234 शोधार्थियों को उपाधियां और 90 विद्यार्थियों को पदक प्रदान किए जाएंगे। खास बात यह है कि पदक विजेताओं में 60 प्रतिशत छात्राएं हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष मानद उपाधियां देने की संभावना कम है। राष्ट्रपति मुर्मु की उपस्थिति से यह समारोह विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक बनने जा रहा है।

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