राष्ट्रपति मुर्मु से राज्यपाल डेका ने की सौजन्य भेंट
भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिनमें से एक है नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को संविधान की अनुसूची 1 में शामिल करना। इस निर्णय के बाद से राष्ट्रपति मुर्मु ने कई राज्यों की यात्रा की है, जहां उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान किए गए निर्णयों के बारे में लोगों को जानकारी दी है।
राष्ट्रपति मुर्मु की राज्यपाल डेका से मुलाकात
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राजधानी दिल्ली में राजभवन का दौरा किया और राज्यपाल डेका से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक दूसरे के प्रति अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। राज्यपाल डेका ने राष्ट्रपति मुर्मु को एक स्वादिष्ट मिठाई का तोहफा दिया, जिसे राष्ट्रपति ने बहुत पसंद किया।
राष्ट्रपति मुर्मु के कार्यकाल के दौरान किए गए निर्णय
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को संविधान की अनुसूची 1 में शामिल करने का निर्णय लिया, जिसे कई राजनीतिक दलों ने विरोध किया था। इसके अलावा, उन्होंने भारत में प्रत्येक राज्य को अपनी भाषा को आधिकारिक भाषा के रूप में मानने की अनुमति देने का निर्णय लिया।
राष्ट्रपति मुर्मु के निर्णयों का विवाद
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कार्यकाल के दौरान किए गए निर्णयों ने विवाद का विषय बना हुआ है। उनके निर्णयों का विरोध करने वाले लोगों का कहना है कि उनके निर्णय संविधान के मूल्यों के विरुद्ध हैं और देश को विभाजित कर रहे हैं। इसके अलावा, उनके निर्णयों का समर्थन करने वाले लोगों का कहना है कि उनके निर्णय देश के लिए लाभकारी हैं और संविधान के मूल्यों को बढ़ावा देते हैं।
निष्कर्ष
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कार्यकाल के दौरान किए गए निर्णयों ने देश को विभाजित किया हुआ है। उनके निर्णयों का विरोध करने वाले लोगों का कहना है कि उनके निर्णय संविधान के मूल्यों के विरुद्ध हैं और देश को विभाजित कर रहे हैं। इसके अलावा, उनके निर्णयों का समर्थन करने वाले लोगों का कहना है कि उनके निर्णय देश के लिए लाभकारी हैं और संविधान के मूल्यों को बढ़ावा देते हैं।


