भारत आज अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने जा रहा है। PSLV-C62 Launch के तहत भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) आज अपने पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल PSLV-C62 को अंतरिक्ष में भेजेगा। यह प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से किया जाएगा।
इस मिशन के मुख्य उपग्रह EOS-N1 को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के लिए डिजाइन किया गया है। यह एक अत्याधुनिक निगरानी और पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस मिशन के तहत EOS-N1 के साथ 17 को-पैसेंजर सैटेलाइट्स भी अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे। ये उपग्रह भारत, मॉरीशस, लक्ज़मबर्ग, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, यूरोप और अमेरिका की स्टार्ट-अप कंपनियों और अनुसंधान संस्थानों द्वारा विकसित किए गए हैं।
PSLV-C62 Launch के लिए 24 घंटे की काउंटडाउन प्रक्रिया रविवार सुबह 10:17 बजे शुरू हो चुकी है। इस दौरान इसरो के वैज्ञानिक हर चरण पर रॉकेट और उपग्रह की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं।
सुरक्षा के लिहाज से श्रीहरिकोटा के आसपास के समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को आज मछली पकड़ने से रोकने का निर्देश दिया गया है। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के मछुआरों को मत्स्य विभाग द्वारा समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
यह मिशन न केवल भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर इसरो की वाणिज्यिक लॉन्च सेवाओं की विश्वसनीयता को भी और बढ़ाएगा।




