पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले ने पंद्रहवें वित्त आयोग के अंतर्गत प्राप्त राशि के उपयोग में राज्य में पहला स्थान हासिल कर लिया है। जिला प्रशासन द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 5 जनवरी 2026 तक जिले ने कुल आवंटित राशि का 69 प्रतिशत खर्च कर लिया है, जो राज्य के सभी जिलों में सबसे अधिक है।
💰 कितना मिला और कितना खर्च हुआ
चालू वित्त वर्ष में पूर्व मेदिनीपुर को 15वें वित्त आयोग के तहत ₹244.54 करोड़ का आवंटन मिला था। इसमें से अब तक ₹168.73 करोड़ का उपयोग विभिन्न विकास कार्यों में किया जा चुका है।
🛣️ ग्रामीण विकास पर फोकस
इस राशि का बड़ा हिस्सा जिले के ग्रामीण इलाकों के विकास में लगाया गया है। इसके अंतर्गत –
- ग्रामीण सड़कों का निर्माण और मरम्मत
- पेयजल आपूर्ति व्यवस्था
- जल निकासी प्रणाली का सुधार
- स्ट्रीट लाइट की स्थापना
जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है।
यह धनराशि जिले की 223 ग्राम पंचायतों, 25 पंचायत समितियों और जिला परिषद की विभिन्न योजनाओं में वितरित की गई है।
📊 राज्य का हाल
पूरे पश्चिम बंगाल में इस वित्त वर्ष में 15वें वित्त आयोग के तहत ₹4,309.14 करोड़ का आवंटन हुआ है, जिसमें से अब तक ₹2,496.33 करोड़ (57.93%) खर्च किया जा चुका है।
खर्च के प्रतिशत के हिसाब से:
- पूर्व मेदिनीपुर – 69% (पहला स्थान)
- कालिम्पोंग – 68.39% (दूसरा स्थान)
- हावड़ा – 66.14% (तीसरा स्थान)
🗣️ प्रशासन का बयान
पूर्व मेदिनीपुर के अपर जिलाधिकारी (जिला परिषद) मानस मंडल ने कहा कि जिले ने 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग में पूरे राज्य में शीर्ष स्थान हासिल किया है। उन्होंने बताया कि शेष राशि का उपयोग भी शीघ्र कर शेष विकास कार्यों को पूरा किया जाएगा।




