नौनिहालों के बेहतर भविष्य को मिला पालनहार योजना का संबल
जोधपुर, 28 फरवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुसार राजस्थान में सामाजिक सरोकारों के बेहतर निर्वहन में प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न स्तरों पर कई योजनाओं के माध्यम से सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की जा रही हैं।
प्रदेश में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा राजस्थान सरकार की फ्लैगशिप योजना में सम्मिलित राजस्थान सरकार की पालनहार योजना में वर्तमान में 18 वर्ष की आयु तक के बच्चों के पालन-पोषण के लिए प्रतिमाह अनुदान प्रदान किया जाता है। इसका लाभ पाकर बड़ी संख्या में बच्चे अपना भविष्य संवार रहे हैं। वर्तमान में योजना अन्तर्गत 10 श्रेणियों जैसे पेंशन की पात्र विधवा माता के बच्चे, विशेष योग्यजन माता/पिता के बच्चे सिलिकोसिस पीडि़त माता/पिता के बच्चे, एचआईवी एड्स से पीडि़त माता/पिता के बच्चे, कुष्ठ रोग से पीडि़त माता/पिता के बच्चे, कुष्ठ रोग से पीडि़त माता/पिता के बच्चे, आजीवन कारावास अथवा मृत्यु दंड से दंडित माता/पिता के बच्चे, नाता जाने वाली माता/परित्यकत्ता महिला के बच्चे, विशेष श्रेणी आदि में 2 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों को 750 रुपये तथा 6 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों को 1500 रुपये प्रतिमाह अनुदान राशि तथा अनाथ बच्चों की श्रेणी में 2 से 6 वर्ष आयु के बच्चों को 1500 रुपये प्रतिमाह व 6 से 18 वर्ष आयु के बच्चो को 2500 रुपये प्रतिमाह की राशि से लाभान्वित किया जाता है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल व्यास ने बताया कि जोधपुर जिले में वर्तमान में कुल 17896 पालनहारों के 30919 बच्चों को लाभ प्रदान किया जा रहा है, जो कि गत वर्ष 29621 की तुलना में 4.40 प्रतिशत अधिक है। योजना अन्तर्गत गत 5 वर्षों में लाभान्वित बच्चों की संख्या में कुल 200 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।