Thu, Mar 12, 2026
32 C
Gurgaon

रमज़ान के आख़िरी अशरे में मस्जिदों में बढ़ी रौनक, शबे क़द्र की तलाश में एतिकाफ़ में बैठे मोमिन

रमज़ान के आख़िरी अशरे में बढ़ी इबादत की रौनक

बिहार के Bhagalpur में रमज़ान मुबारक के बरकत भरे महीने का आख़िरी अशरा शुरू होते ही मस्जिदों में इबादत करने वालों की संख्या बढ़ गई है।

रमज़ान आख़िरी अशरा एतिकाफ़ के तहत बड़ी संख्या में मोमिन मस्जिदों में एतिकाफ़ में बैठकर शबे क़द्र की अज़ीम नेमत हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

शाही जामा मस्जिद में एतिकाफ़ का माहौल

शहर के Shahi Jama Masjid Khalifabagh में भी दो दर्जन से अधिक लोग एतिकाफ़ में बैठे हैं।

मस्जिद का माहौल इन दिनों बेहद रूहानी और नूरानी नजर आ रहा है, जहां दिन-रात इबादत, तिलावत और दुआ का सिलसिला जारी है।

सुन्नत-ए-नबवी की परंपरा

इस्लामी शिक्षाओं के अनुसार Prophet Muhammad रमज़ान के आख़िरी अशरे में दुनियावी कामों से अलग होकर मस्जिद में एतिकाफ़ किया करते थे।

उसी सुन्नत की पैरवी करते हुए आज भी दुनिया भर की मस्जिदों में एतिकाफ़ का एहतमाम किया जाता है।

एतिकाफ़ की रूहानी अहमियत

खानकाह पीर दमड़िया शाह के सज्जादा नशीन Syed Shah Fakhre Alam Hasan ने कहा कि एतिकाफ़ इंसान को अल्लाह के क़रीब करता है और उसके दिल में रूहानियत और तक़वा पैदा करता है।

उन्होंने कहा कि माद्दापरस्ती के इस दौर में जो लोग दुनियावी व्यस्तताओं से अलग होकर एतिकाफ़ करते हैं, वे काबिल-ए-मुबारकबाद हैं।

चार सौ साल पुरानी मस्जिद की परंपरा

ख़लीफ़ाबाग की शाही जामा मस्जिद लगभग 400 साल पुरानी ऐतिहासिक मस्जिद है। यहां हर दौर में एतिकाफ़ की परंपरा निभाई जाती रही है और आज भी यह रिवायत जारी है।

शबे क़द्र की तलाश में इबादत

इस्लाम में शबे क़द्र को बहुत अहम रात माना जाता है।

क़ुरआन शरीफ़ के अनुसार यह रात हज़ार महीनों से बेहतर मानी जाती है। इसलिए रमज़ान के आख़िरी अशरे में मोमिन खास तौर पर इबादत, क़ुरआन की तिलावत, ज़िक्र और नफ़्ल नमाज़ों में मशगूल रहते हैं।

रूहानियत से भर जाता है माहौल

रमज़ान के आख़िरी दिनों में मस्जिदों में मुतक़िफ़ीन की मौजूदगी से पूरा माहौल रूहानियत से भर जाता है।

देर रात तक क़ुरआन की तिलावत, दुआ और इबादत का सिलसिला चलता रहता है, जिससे नौजवानों और आम लोगों में भी दीन और इबादत के प्रति रुझान बढ़ता है।

Archita phukan का वायरल वीडियो लिंक, क्या है नजारा?

असम की सोशल मीडिया सनसनी Archita phukan, उर्फ बेबीडॉल आर्ची, ने ‘डेम अन ग्रर’ पर बोल्ड डांस वीडियो से इंटरनेट पर धूम मचा दी। लेकिन MMS लीक और पॉर्न इंडस्ट्री की अफवाहों ने विवाद खड़ा कर दिया। वीडियो में क्या है नजारा, और क्या है सच?

SGT University में नजीब जंग ने की डिस्टेंस और ऑनलाइन एजुकेशन सेंटर की घोषणा!

SGT यूनिवर्सिटी में नजीब जंग ने सिर्फ प्रेरणा नहीं दी, बल्कि एक नई शिक्षा क्रांति की नींव भी रखी। क्या है इसकी खासियत?

SGT विश्वविद्यालय में रक्तदान शिविर: चरक जयंती पर मानवता की अनमोल मिसाल

SGT विश्वविद्यालय में चरक जयंती पर लगे रक्तदान शिविर ने आयुर्वेद की मूल भावना – सेवा और करुणा – को जीवंत किया।

अर्चिता फुकन का वायरल वीडियो: बेबीडॉल आर्ची की ‘डेम अन ग्रर’ पर सिजलिंग मूव्स ने मचाया तहलका, लेकिन क्या है असली कहानी?

असम की सोशल मीडिया स्टार अर्चिता फुकन, उर्फ बेबीडॉल आर्ची, ने ‘डेम अन ग्रर’ पर बोल्ड डांस मूव्स से इंटरनेट पर धूम मचा दी। लेकिन MMS लीक और पॉर्न इंडस्ट्री की अफवाहों ने विवाद खड़ा कर दिया। क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई?

Related Articles

Popular Categories