रांजाबुरु में फिर तेज हुआ आंदोलन
पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा क्षेत्र में स्थानीय रोजगार आंदोलन एक बार फिर उग्र हो गया है। ग्रामीणों और मुंडा-मानकी प्रतिनिधियों ने सेल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
ग्रामीणों ने दी अंतिम चेतावनी
स्थानीय रोजगार आंदोलन के तहत ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 20 मई तक समझौता लागू नहीं हुआ, तो खदान और ट्रांसपोर्टिंग पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।
बाहरी लोगों की नियुक्ति पर नाराजगी
ग्रामीणों का आरोप है कि ठेका कंपनी बाहरी लोगों को नौकरी दे रही है। जबकि खदान प्रभावित गांवों के स्थानीय युवा अभी भी बेरोजगार हैं।
पहले हुआ था समझौता
स्थानीय रोजगार आंदोलन के दौरान पहले त्रिपक्षीय वार्ता हुई थी। इसमें स्थानीय युवाओं को 75 प्रतिशत रोजगार देने पर सहमति बनी थी।
समिति ने लगाए गंभीर आरोप
सारंडा विकास समिति ने कहा कि समझौते के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
20 मई की वार्ता पर नजर
अब स्थानीय रोजगार आंदोलन का भविष्य 20 मई की वार्ता पर टिका है। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा।


