तालाब सुंदरीकरण कार्य को रद्द करने की मांग लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे रत्नाबांधा के ग्रामीणों की भीड़।

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रत्नाबांधा के ग्रामीण कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे

रत्नाबांधा के ग्रामीण तालाब सुंदरीकरण कार्य को रद्द करने की मांग लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे, जिसमें ग्रामीणों ने अपनी गुहार लगाई कि तालाब का सुंदरीकरण कार्य रद्द किया जाए।

तालाब सुंदरीकरण कार्य का विरोध

रत्नाबांधा के ग्रामीण कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और तालाब सुंदरीकरण कार्य को रद्द करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि तालाब का सुंदरीकरण कार्य करने से उनकी आय का स्रोत प्रभावित होगा। तालाब पर निर्मित किए गए शिल्प और संगमरमर के पत्थर उनकी आय का मुख्य स्रोत है, जिसको छोड़ देने से उन्हें आर्थिक नुकसान होगा।

ग्रामीणों की गुहार

ग्रामीणों ने कलेक्टर से मिलने की गुहार लगाई और कहा कि तालाब का सुंदरीकरण कार्य रद्द किया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी आय का स्रोत तालाब पर निर्मित किए गए शिल्प और संगमरमर के पत्थर है, जिसको छोड़ देने से हमें आर्थिक नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि तालाब का सुंदरीकरण कार्य करने से उनकी परंपरा प्रभावित होगी और उनकी आय कम होगी।

कलेक्टर की प्रतिक्रिया

कलेक्टर ने ग्रामीणों की गुहार को सुना और कहा कि हम तालाब का सुंदरीकरण कार्य करने के पीछे के तर्कों को समझने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे पास तालाब का सुंदरीकरण कार्य करने के लिए पैसे हैं, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि इससे ग्रामीणों की आय प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता तो ग्रामीणों की भलाई है, न कि तालाब का सुंदरीकरण।

ग्रामीणों की उम्मीदें

ग्रामीणों की उम्मीद है कि कलेक्टर उनकी गुहार को सुनेंगे और तालाब का सुंदरीकरण कार्य रद्द करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी आय का स्रोत तालाब पर निर्मित किए गए शिल्प और संगमरमर के पत्थर है, जिसको छोड़ देने से हमें आर्थिक नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि कलेक्टर हमारी गुहार को सुनेंगे और हमारी आय को बचाएंगे।

तालाब का सुंदरीकरण कार्य रद्द करने की मांग

रत्नाबांधा के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और तालाब सुंदरीकरण कार्य को रद्द करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि तालाब का सुंदरीकरण कार्य करने से उनकी आय का स्रोत प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि हमारी आय का स्रोत तालाब पर निर्मित किए गए शिल्प और संगमरमर के पत्थर है, जिसको छोड़ देने से हमें आर्थिक नुकसान होगा।

निष्कर्ष

रत्नाबांधा के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और तालाब सुंदरीकरण कार्य को रद्द करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि तालाब का सुंदरीकरण कार्य करने से उनकी आय का स्रोत प्रभावित होगा। कलेक्टर ने ग्रामीणों की गुहार को सुना और कहा कि हम तालाब का सुंदरीकरण कार्य करने के पीछे के तर्कों को समझने की कोशिश करेंगे। ग्रामीणों की उम्मीद है कि कलेक्टर उनकी गुहार को सुनेंगे और तालाब का सुंदरीकरण कार्य रद्द करेंगे।

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