कला, संस्कृति और इतिहास के इस केंद्रीय स्थल को फिर से जीवंत बनाने की कोशिश में है। रवींद्र भवन के शीघ्र जीर्णोद्धार को लेकर सांस्कृतिक मंत्री बिमल बोरा ने समीक्षा बैठक की, जिसमें भवन के रखरखाव और विकास के बारे में विस्तार से चर्चा हुई।
जीर्णोद्धार कार्य की तेजी
सांस्कृतिक मंत्री बिमल बोरा ने कहा कि रवींद्र भवन के जीर्णोद्धार कार्य को शीघ्र पूरा करने के लिए हमें कोई कसर नहीं छोड़नी है। उन्होंने कहा कि हमारी टीम ने भवन के रखरखाव के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है, जिसमें भवन के बाहरी और आंतरिक भागों का जीर्णोद्धार शामिल है।
कलाकारों के लिए विशेष सुविधाएं
बिमल बोरा ने कहा कि हमारा मुख्य लक्ष्य कलाकारों के लिए विशेष सुविधाएं प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि भवन में कलाकारों के लिए एक विशेष स्टूडियो और एक प्रदर्शनी हॉल बनाया जाएगा, जिससे वे अपनी कला को विकसित और प्रदर्शित कर सकें।
प्राकृतिक सौंदर्य को बचाना
सांस्कृतिक मंत्री ने कहा कि हमारी टीम ने भवन के आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य को बचाने के लिए विशेष कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भवन के आसपास के पार्क और वनस्पति को संरक्षित किया जाएगा, जिससे भवन के आसपास का वातावरण शुद्ध और स्वच्छ रहेगा।
लोकल संस्थाओं की भागीदारी
बिमल बोरा ने कहा कि हम लोकल संस्थाओं की भागीदारी से भवन के विकास में मदद लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हमने स्थानीय कलाकारों और संस्थाओं से विशेष रूप से इस कार्य में सहयोग करने के लिए कहा है, जिससे भवन का विकास स्थानीय स्तर पर भी हो सके।
निष्कर्ष
रवींद्र भवन के शीघ्र जीर्णोद्धार को लेकर सांस्कृतिक मंत्री बिमल बोरा ने समीक्षा बैठक की, जिसमें भवन के रखरखाव और विकास के बारे में विस्तार से चर्चा हुई। हमें उम्मीद है कि इस जीर्णोद्धार के बाद रवींद्र भवन फिर से जीवंत और आकर्षक होगा और लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक केंद्र बनेगा।


