ग्वालियर में शुरू हुआ रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव
ग्वालियर में दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर विशेष अतिथि रहे।
नई साझेदारियां और समझौते
इस कॉन्क्लेव में कई महत्वपूर्ण करार हुए। होटल और रिसॉर्ट निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किए गए। मान सिंह तोमर यूनिवर्सिटी और कलाकारों के बीच एमओयू हुआ, जिससे लोक कलाकारों को प्रशिक्षण और अवसर मिलेंगे। साथ ही, डिजिटल और मीडिया कंपनियों से प्रचार-प्रसार समझौते भी हुए।
नई परियोजनाओं का शुभारंभ
कॉन्क्लेव में कई नई परियोजनाओं की नींव रखी गई। हस्तशिल्प मार्केटिंग के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म की शुरुआत होगी। ग्वालियर किले में संरक्षण और इल्युमिनेशन कार्य किए जाएंगे। फूल बाग में अनुभवात्मक पर्यटन और म्यूजिक यूनिवर्सिटी में विकास कार्य भी शुरू होंगे।
विरासत और अनुभवात्मक पर्यटन पर मंथन
दो पैनल डिस्कशन आयोजित हुए। पहला, “टूरिज्म ऐज़ अ कल्चरल ब्रिज” पर आधारित था, जिसमें ग्वालियर की सांस्कृतिक धरोहर और स्थापत्य कला को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने की रणनीति पर चर्चा हुई। दूसरा, “ग्वालियर एंड चंबल राइजिंग” विषय पर रहा, जिसमें डेस्टिनेशन वेडिंग, लग्ज़री स्टे और अनुभवात्मक पर्यटन पर जोर दिया गया।
निवेश और संभावनाओं पर विचार
रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में ट्रैवल ऑपरेटर, होटल व्यवसायी और निवेशक जुटे। पर्यटन क्षेत्र में नए अवसरों और संभावनाओं पर खुली चर्चा हुई। इन प्रयासों से स्थानीय समुदाय और कलाकारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और मध्यप्रदेश का पर्यटन क्षेत्र और भी समृद्ध होगा।