पेंशन से समाज सेवा की मिसाल
उत्तर प्रदेश के Ballia में एक सेवानिवृत्त शिक्षक अपनी पेंशन से दृष्टिहीन लोगों की मदद कर समाज के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक Sarvchandra Rai सेवानिवृत्ति के बाद से ही जरूरतमंदों की सहायता में जुटे हुए हैं।
2013 में सेवानिवृत्ति के बाद शुरू की पहल
जूनियर हाई स्कूल से वर्ष 2013 में सेवानिवृत्त होने के बाद सर्वचन्द्र राय को यह विचार आया कि अपनी आय का एक हिस्सा समाज के सबसे असहाय लोगों के लिए खर्च करना चाहिए।
करीब 70 वर्ष की आयु में उन्होंने यह संकल्प लिया कि वे विशेष रूप से दृष्टिहीन लोगों की मदद करेंगे।
हर महीने भेजते हैं आर्थिक सहायता
वर्तमान में वे अपनी पेंशन से हर महीने 24 दृष्टिहीन लोगों को 500-500 रुपये की आर्थिक सहायता देते हैं।
इसके अलावा उनके इस प्रयास से प्रेरित होकर कुछ अन्य लोग भी आगे आए हैं, जिनकी मदद से अब कुल 36 दृष्टिहीन व्यक्तियों को हर माह 500 रुपये भेजे जा रहे हैं।
मदद करने वाले का नाम भी नहीं बताते
सबसे खास बात यह है कि जिन लोगों को यह सहायता मिलती है, उन्हें यह नहीं पता कि यह पैसा कौन भेज रहा है।
सर्वचन्द्र राय का मानना है कि जरूरतमंद की मदद गुप्त रूप से करनी चाहिए।
समाज के सबसे लाचार व्यक्ति की मदद का संकल्प
सर्वचन्द्र राय का कहना है कि उन्होंने परिवार के लिए बहुत कुछ किया है, लेकिन समाज के सबसे लाचार व्यक्ति की मदद करना भी जरूरी है।
उनके अनुसार समाज में सबसे अधिक असहाय व्यक्ति दृष्टिहीन होता है, इसलिए उन्होंने उन्हें मदद देने का निर्णय लिया।
प्रेरणा बनी एक पुस्तक
उन्होंने बताया कि एक पुस्तक पढ़ने के बाद उनके मन में यह विचार आया कि अपनी आय का कुछ हिस्सा जरूरतमंदों के लिए समर्पित करना चाहिए।



