देवरिया में बंद पड़ा आरओ प्लांट
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के ईटहुआ चंदौली गांव में लाखों रुपये की लागत से स्थापित आरओ प्लांट वर्षों से बंद पड़ा है। ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया यह आरओ प्लांट अब केवल शोपीस बनकर रह गया है।
रखरखाव के अभाव में बिगड़ी स्थिति
ग्रामीणों का कहना है कि शुरुआत में आरओ प्लांट से लोगों को स्वच्छ पानी मिलता था। लेकिन समय के साथ तकनीकी खराबी और रखरखाव की कमी के कारण इसका संचालन प्रभावित हुआ। बाद में आरओ प्लांट पूरी तरह बंद हो गया।
शुद्ध पानी के लिए बढ़ी परेशानी
गर्मी के मौसम में शुद्ध पेयजल की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में आरओ प्लांट बंद होने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवारों को दूर से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
सरकारी धन के उपयोग पर सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया आरओ प्लांट देखरेख के अभाव में बेकार हो गया। उनका कहना है कि समय पर मरम्मत और निगरानी होती तो आज यह सुविधा गांववासियों के काम आ रही होती।
पूर्व प्रधान के कार्यकाल में हुआ था निर्माण
ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार, आरओ प्लांट का निर्माण पूर्व प्रधान के कार्यकाल में कराया गया था। कुछ वर्षों तक इसकी देखरेख संबंधित कंपनी ने की, लेकिन अनुबंध समाप्त होने के बाद रखरखाव प्रभावित हो गया।
ग्रामीणों ने की पुनः संचालन की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से आरओ प्लांट की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि प्लांट को दोबारा चालू किया जाए, ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके और सरकारी धन से बनी यह परियोजना फिर से उपयोग में आ सके।



