मुरादाबाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के विभाग प्रचार प्रमुख डॉ. पवन कुमार जैन ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि संघ के स्वयंसेवक किससे संवाद करेंगे, यह तय करने का अधिकार कांग्रेस या उसके प्रवक्ताओं को नहीं है।
उन्होंने कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा द्वारा चीन से जुड़े लोगों से संघ कार्यकर्ताओं की मुलाकात पर उठाए गए सवालों को “इतिहास से डर” करार दिया।
🗣️ संवाद आत्मविश्वास का प्रतीक
डॉ. जैन ने कहा कि संवाद किसी विचारधारा की स्वीकृति नहीं बल्कि आत्मविश्वास और वैचारिक मजबूती का प्रमाण होता है।
आरएसएस एक वैधानिक और पारदर्शी राष्ट्रवादी संगठन है जो भारत समेत 60 से अधिक देशों में सामाजिक और सांस्कृतिक कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह रवैया उसी मानसिकता को दर्शाता है जिसमें वह खुद को देशभक्ति का एकमात्र ठेकेदार समझती है।
🇮🇳 कांग्रेस के इतिहास पर सवाल
डॉ. जैन ने 1961 में अक्साई चीन को लेकर जवाहरलाल नेहरू के बयान का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकारों के समय भारत को करीब 38,000 वर्ग किलोमीटर जमीन गंवानी पड़ी।
उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के शासन में देश की भूमि गई, उसे आज राष्ट्रवाद पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
🔍 आरएसएस को समझने की सलाह
डॉ. जैन ने कहा कि आरएसएस को टीवी डिबेट या बयानबाजी से नहीं, बल्कि उसकी शाखाओं में जाकर ही समझा जा सकता है, जहां खुले मैदान में खुले मन से राष्ट्र निर्माण होता है।




