🔹 सुनवाई में क्या हुआ खास?
Supreme Court of India में सबरीमाला मामले की सुनवाई के दौरान एक दिलचस्प पल सामने आया।
जस्टिस B. V. Nagarathna की टिप्पणी चर्चा का केंद्र बन गई।
🔹 ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ पर क्या कहा?
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील Neeraj Kishan Kaul ने एक लेख का जिक्र किया।
इस पर जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि “व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी” से मिली जानकारी स्वीकार नहीं की जा सकती।
🔹 मुख्य न्यायाधीश की क्या टिप्पणी रही?
मुख्य न्यायाधीश Surya Kant ने स्पष्ट किया कि
कोर्ट सभी विचारों का सम्मान करती है, लेकिन निजी विचारों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।
🔹 बहस के दौरान क्या तर्क आए?
वकील ने कहा कि जानकारी किसी भी स्रोत से हो सकती है।
हालांकि कोर्ट ने विश्वसनीय और प्रमाणिक स्रोतों पर जोर दिया।
🔹 सबरीमाला केस का संदर्भ
सबरीमाला मंदिर मामला महिलाओं के प्रवेश से जुड़ा है।
Sabarimala Temple Verdict 2018 में कोर्ट ने महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दी थी।
🔹 इस टिप्पणी का महत्व क्या है?
यह बयान न्यायिक प्रक्रिया में विश्वसनीय जानकारी की अहमियत को दर्शाता है।
कोर्ट ने साफ किया कि सोशल मीडिया आधारित जानकारी को प्रमाण नहीं माना जा सकता।



