साईं साधराम साहेब के देहावसान से सिंधी समाज शोकाकुल
संत सतरामधाम, रहड़की साहेब के परम पूज्य संत शिरोमणि हजूरी रूप साईं साधराम साहेब के नश्वर देह त्याग कर परमात्मा में विलीन होने की खबर से गोरखपुर सहित समस्त सिंधी समाज शोक में डूब गया है। समाज ने इसे आध्यात्मिक जगत और मानव सेवा के क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
मानवता और सेवा के प्रतीक थे साईं साधराम साहेब
साईं साधराम साहेब को केवल सिंधी समाज ही नहीं बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए प्रेम, करुणा और सेवा का प्रतीक माना जाता था। उनकी वाणी और आध्यात्मिक विचारों ने लाखों श्रद्धालुओं को सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
सिंधी समाज ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
सिंधी समाज गोरखपुर के महामंत्री देवा केशवानी ने भावुक श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि साईं साधराम साहेब का देहावसान एक युग के अंत जैसा है। उन्होंने कहा कि साईं जी ने अपने जीवन से मानव सेवा और प्रेम का सच्चा संदेश दिया।
श्रद्धालुओं के लिए भावुक क्षण
साईं साधराम साहेब के अनुयायियों और श्रद्धालुओं के लिए यह बेहद दुखद क्षण है। समाज के लोगों ने कहा कि उनके उपदेश और दिव्य स्मृतियां हमेशा लोगों को प्रेरित करती रहेंगी।
समाज हमेशा याद रखेगा योगदान
गोरखपुर का सिंधी समाज साईं साधराम साहेब के आध्यात्मिक योगदान, उनके आशीर्वाद और मानवता के लिए किए गए कार्यों को हमेशा श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ याद रखेगा।



