Sat, Feb 7, 2026
21 C
Gurgaon

संजौली मस्जिद मामला: अवैध ऊपरी हिस्से को हटाने की मांग, हिंदू संगठनों ने निगम आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

संजौली मस्जिद मामला: अवैध ऊपरी हिस्से को हटाने की मांग तेज

शिमला। शिमला की चर्चित संजौली मस्जिद को लेकर विवाद एक बार फिर गरमा गया है। मस्जिद के कथित अवैध ऊपरी हिस्से को हटाने की मांग को लेकर हिंदू संघर्ष समिति ने सोमवार को शिमला नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। समिति ने मांग की है कि मस्जिद की निचली दो मंजिलों को छोड़कर ऊपर बने अवैध निर्माण को 29 दिसंबर की तय समय सीमा के भीतर हटाया जाए।

न्यायालय के आदेशों के पालन की मांग

हिंदू संघर्ष समिति के नेताओं ने निगम आयुक्त से आग्रह किया कि वे न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। समिति का कहना है कि अदालत ने ऊपरी मंजिलों को अवैध मानते हुए उन्हें गिराने के आदेश दिए हैं, इसलिए किसी भी तरह की देरी स्वीकार्य नहीं होगी।

कारसेवा की पेशकश

समिति के सदस्य मदन ठाकुर ने कहा कि यदि वक्फ बोर्ड, मस्जिद कमेटी या नगर निगम अवैध हिस्से को हटाने में असमर्थ हैं, तो हिंदू संगठन निशुल्क श्रमदान (कारसेवा) के लिए तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून का पालन सभी समुदायों के लिए समान रूप से नहीं हो रहा है और प्रदेश में जनसांख्यिकीय बदलाव का षड्यंत्र रचा जा रहा है।

स्टेटस रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग

हिंदू संघर्ष समिति के नेता विजय शर्मा ने कहा कि अवैध निर्माण हटाने की अंतिम तारीख 29 दिसंबर है। उन्होंने नगर निगम आयुक्त से इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट मंगवाकर उसे सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके।

हाईकोर्ट का हालिया आदेश

गौरतलब है कि 3 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में अहम आदेश दिया था। कोर्ट ने मस्जिद की निचली दो मंजिलों पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया, जबकि ऊपरी तीन मंजिलों को अवैध मानते हुए उन्हें हटाने के निचली अदालतों के आदेश को बरकरार रखा। मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को तय है।

पृष्ठभूमि

इससे पहले 30 अक्टूबर 2025 को जिला अदालत ने नगर निगम आयुक्त के फैसले को सही ठहराते हुए मस्जिद की निचली मंजिलों को भी अवैध घोषित किया था, जिसे बाद में हाईकोर्ट ने आंशिक रूप से स्थगित कर दिया। दूसरी ओर, ऑल हिमाचल मुस्लिम संस्था मस्जिद को वैध बताते हुए दावा कर रही है कि यह वर्ष 1915 से अस्तित्व में है और इसके समर्थन में राजस्व रिकॉर्ड भी पेश किए गए हैं।

पिछले वर्ष सितंबर में इस मुद्दे को लेकर संजौली में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे, जिनके दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति भी बनी थी।

Archita phukan का वायरल वीडियो लिंक, क्या है नजारा?

असम की सोशल मीडिया सनसनी Archita phukan, उर्फ बेबीडॉल आर्ची, ने ‘डेम अन ग्रर’ पर बोल्ड डांस वीडियो से इंटरनेट पर धूम मचा दी। लेकिन MMS लीक और पॉर्न इंडस्ट्री की अफवाहों ने विवाद खड़ा कर दिया। वीडियो में क्या है नजारा, और क्या है सच?

SGT University में नजीब जंग ने की डिस्टेंस और ऑनलाइन एजुकेशन सेंटर की घोषणा!

SGT यूनिवर्सिटी में नजीब जंग ने सिर्फ प्रेरणा नहीं दी, बल्कि एक नई शिक्षा क्रांति की नींव भी रखी। क्या है इसकी खासियत?

SGT विश्वविद्यालय में रक्तदान शिविर: चरक जयंती पर मानवता की अनमोल मिसाल

SGT विश्वविद्यालय में चरक जयंती पर लगे रक्तदान शिविर ने आयुर्वेद की मूल भावना – सेवा और करुणा – को जीवंत किया।

अर्चिता फुकन का वायरल वीडियो: बेबीडॉल आर्ची की ‘डेम अन ग्रर’ पर सिजलिंग मूव्स ने मचाया तहलका, लेकिन क्या है असली कहानी?

असम की सोशल मीडिया स्टार अर्चिता फुकन, उर्फ बेबीडॉल आर्ची, ने ‘डेम अन ग्रर’ पर बोल्ड डांस मूव्स से इंटरनेट पर धूम मचा दी। लेकिन MMS लीक और पॉर्न इंडस्ट्री की अफवाहों ने विवाद खड़ा कर दिया। क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई?

Related Articles

Popular Categories