📌 संकट मोचन साहित्य मंच की नई शुरुआत
वाराणसी के श्री संकट मोचन मंदिर में इस बार खास पहल हुई। संकट मोचन साहित्य मंच की पहली बार शुरुआत की गई। इससे कार्यक्रम में नया आयाम जुड़ गया।
📌 पुस्तक लोकार्पण से हुआ शुभारंभ
संकट मोचन साहित्य मंच की शुरुआत लोकगायिका मालिनी अवस्थी की पुस्तक ‘चंदन किवाड़’ के लोकार्पण से हुई। इस अवसर पर कला और साहित्य का सुंदर संगम देखने को मिला।
📌 संगीत और साहित्य का अनोखा मेल
मंच पर संगीत, कला और साहित्य का अनूठा संगम प्रस्तुत किया गया। संकट मोचन साहित्य मंच ने दर्शकों को नया अनुभव दिया। इससे कार्यक्रम और भी समृद्ध हो गया।
📌 विद्वानों ने रखे विचार
महंत प्रो. विश्वम्भर नाथ मिश्र ने इस पहल को नई शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि कला को समझने के लिए साहित्य जरूरी है। संकट मोचन साहित्य मंच आगे और बड़े स्तर पर आयोजित होगा।
📌 कलाकारों ने साझा किए अनुभव
मालिनी अवस्थी ने अपनी पुस्तक और भावनाओं को साझा किया। उन्होंने इसे अपने जीवन का खास पल बताया। संकट मोचन साहित्य मंच पर साहित्य चर्चा ने सभी को प्रभावित किया।
📌 निष्कर्ष: नई दिशा की शुरुआत
संकट मोचन साहित्य मंच ने समारोह को नई दिशा दी है। इससे भविष्य में और भी बड़े सांस्कृतिक आयोजन की उम्मीद बढ़ गई है।



