क्या संस्कृत है भविष्य की वैज्ञानिक भाषा? विक्रम विश्वविद्यालय से उठी बुलंद आवाज़!

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🏛️ संस्कृत दिवस पर विक्रम विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक सोच की गूंज

📍 संस्कृत में ही हुआ पूरा आयोजन

विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में संस्कृत दिवस का आयोजन पूरी तरह संस्कृत भाषा में हुआ।
यह आयोजन विद्यार्थियों, प्रोफेसरों और अतिथियों के लिए प्रेरणादायक बना।

👨‍🏫 कुलगुरु का संस्कृत में भाषण

कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने अपने भाषण और संवाद संस्कृत भाषा में ही दिए।
उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा को वैज्ञानिक भाषा के रूप में स्वीकार करना चाहिए।
नवीन शोध के लिए भी संस्कृत को अपनाना समय की मांग है।

📚 क्यों संस्कृत है वैज्ञानिक?

  • संस्कृत की व्याकरणिक संरचना स्पष्ट और तार्किक है।
  • यह कंप्यूटर और एआई के लिए उपयुक्त मानी जा रही है।
  • वैज्ञानिक विचार और शास्त्रों का मूल संस्कृत में ही मिलता है।

🗣️ विशिष्ट वक्ता का योगदान

प्रो. केदार नारायण जोशी ने कहा — सभी भाषाओं की जड़ संस्कृत भाषा है।
उन्होंने छात्रों को संस्कृत के अध्ययन के लिए प्रेरित किया।

👥 आयोजन में कौन-कौन रहा शामिल?

  • डॉ. अनिल कुमार शर्मा, डॉ. विभा शर्मा जैसे अतिथि शामिल हुए।
  • विभागाध्यक्ष प्रो. बी.के. अंजना ने स्वागत भाषण दिया।
  • आयोजन में सभी वक्तव्यों का माध्यम केवल संस्कृत था।

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