🩸 New Blood Group MAL: क्या है पूरी खोज?
इस ऐतिहासिक रिसर्च को
UK research institutes और
Israeli medical research centers
के वैज्ञानिकों ने मिलकर अंजाम दिया है।
वैज्ञानिकों ने पाया कि:
- कुछ बेहद दुर्लभ लोगों के खून में MAL नामक प्रोटीन नहीं होता
- यही प्रोटीन ब्लड सेल्स की सतह पर आमतौर पर मौजूद रहता है
- इसी की अनुपस्थिति के कारण 1972 का मामला समझ से बाहर था
अब इसे आधिकारिक तौर पर एक नया ब्लड ग्रुप सिस्टम माना गया है।
⏳ 1972 से 2024 तक: 50 साल का रहस्य
1972 में:
- एक गर्भवती महिला के ब्लड टेस्ट में असामान्य परिणाम मिले
- उसका खून सामान्य ब्लड ग्रुप सिस्टम में फिट नहीं बैठता था
उस समय:
- न जीन टेक्नोलॉजी इतनी उन्नत थी
- न ही दुर्लभ ब्लड ग्रुप्स को पहचानने के पर्याप्त साधन
आज:
- एडवांस जेनेटिक टेस्टिंग
- डीएनए सीक्वेंसिंग
ने इस रहस्य को सुलझा दिया।
🧬 MAL ब्लड ग्रुप क्यों है खास?
New Blood Group MAL खास इसलिए है क्योंकि:
- यह दुनिया के सबसे दुर्लभ ब्लड ग्रुप्स में से एक है
- ऐसे लोगों को ब्लड ट्रांसफ्यूजन में भारी दिक्कत होती है
- सही ब्लड न मिलने पर जान का खतरा बढ़ जाता है
इस खोज से:
👉 दुर्लभ ब्लड ग्रुप वाले मरीजों की पहचान आसान होगी
👉 इमरजेंसी में सही ब्लड ढूंढना संभव हो सकेगा
🏥 मेडिकल साइंस को क्या फायदा होगा?
इस खोज के बाद:
- ब्लड ट्रांसफ्यूजन और ज्यादा सुरक्षित होगा
- गर्भावस्था में होने वाली जटिलताओं को समझना आसान होगा
- जेनेटिक डिसऑर्डर रिसर्च को नई दिशा मिलेगी
- दुर्लभ ब्लड डोनर्स की अलग कैटेगरी बन सकेगी
यानी यह खोज सिर्फ विज्ञान नहीं,
👉 सीधे ज़िंदगियां बचाने वाली है।
🌍 मानवता के लिए क्यों है बड़ी खबर?
आज तक दुनिया में:
- 40+ ब्लड ग्रुप सिस्टम पहचाने जा चुके हैं
- MAL एक नया और अहम सिस्टम बनकर जुड़ा है
यह साबित करता है कि:





