पालमपुर में आयोजित हुई जागरूकता कार्यशाला
धर्मशाला के पालमपुर में उद्योग विभाग द्वारा एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों तक स्वरोजगार की योजनाएं पहुंचाना और उन्हें सरकारी सुविधाओं से जोड़ना था।
डिजिटल साक्षरता और व्यवसाय पर जोर
कार्यशाला में प्रतिभागियों को डिजिटल साक्षरता, ब्रांड निर्माण और सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) से जुड़ने की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि स्वरोजगार की योजनाएं और डिजिटल प्लेटफॉर्म छोटे उद्यमों को नई पहचान दिला सकते हैं।
सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में मुद्रा ऋण, स्टैंड-अप इंडिया, क्रेडिट गारंटी योजना और मार्केटिंग सहायता कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि स्वरोजगार की योजनाएं ग्रामीण और छोटे उद्यमियों के लिए नए अवसर लेकर आई हैं।
पीएमईजीपी योजना पर विशेष फोकस
कार्यशाला में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) की जानकारी भी साझा की गई। इसके तहत विनिर्माण क्षेत्र में 50 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र में 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। पात्र लाभार्थियों को अनुदान की सुविधा भी दी जाती है।
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
अधिकारियों ने बताया कि GeM पोर्टल और डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से स्थानीय उत्पाद राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकते हैं। स्वरोजगार की योजनाएं केवल आर्थिक सहायता नहीं देतीं, बल्कि बाजार तक पहुंच का रास्ता भी खोलती हैं।
अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ओम प्रकाश जरयाल ने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे स्वरोजगार की योजनाएं केवल अपने तक सीमित न रखें। अधिक से अधिक लोगों को इन योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करें।
उद्यमियों को मिला मार्गदर्शन
कार्यशाला में शामिल उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों ने बताया कि उन्हें अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने और सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में भाग लेने का स्पष्ट मार्गदर्शन मिला है। इससे भविष्य में नए रोजगार अवसरों के सृजन की उम्मीद बढ़ी है।



