मप्र के शहडोल में 3 साल की बच्ची से दुष्कर्म-हत्या: दोषी को फांसी, कोर्ट ने कहा– ‘निर्भया जैसा वीभत्स अपराध’

0
239

शहडोल (मप्र)। तीन वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के जघन्य मामले में बुढ़ार की विशेष पॉक्सो अदालत ने गुरुवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी भानू उर्फ रामनारायण ढीमर को फांसी की सजा दी है। कोर्ट ने इस अपराध को “निर्भया जैसा वीभत्स” और रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी का माना।

कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

न्यायाधीश सुशील कुमार अग्रवाल ने कहा कि तीन साल की बच्ची जो बोल भी नहीं सकती थी, उसने अकल्पनीय पीड़ा झेली। ऐसे अपराधियों को समाज में जीने का अधिकार नहीं है और इस मामले में माफी की कोई गुंजाइश नहीं है।

क्या था पूरा मामला

घटना खैरहा थाना क्षेत्र की है।

  • 1 मार्च 2023 की रात बच्ची की मां शादी समारोह में गई थी।
  • घर में पति का दोस्त रामनारायण ढीमर मौजूद था।
  • लौटने पर बच्ची बेहोश हालत में मिली; शरीर पर गंभीर चोटें थीं।
  • आरोपी ने कहा कि बच्ची रो रही थी, इसलिए थप्पड़ मारे।
  • पुलिस में शिकायत की बात पर आरोपी ने परिवार को धमकाया।

बच्ची को पहले बुढ़ार अस्पताल, फिर शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां 7 मार्च 2023 को उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम और डीएनए जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई।

अहम गवाही

फॉरेंसिक विशेषज्ञ प्रो. पवन वानखेड़े की रिपोर्ट निर्णायक साबित हुई। उन्होंने साफ कहा कि बच्ची के जननांग में पुरुष अंग से चोट पहुंचाई गई थी। कोर्ट ने इसे पुख्ता सबूत माना।

सजा का फैसला

अदालत ने सुनाया:

  • धारा 302 IPC – आजीवन कारावास
  • धारा 201 IPC – 3 साल सश्रम कारावास
  • POCSO धारा 5(M)/6फांसी

साथ ही अपराध छिपाने में मदद करने पर आरोपी की पत्नी पिंकी ढीमर और राजकुमार ढीमर को चार-चार साल की सजा दी गई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here