सिलीगुड़ी में सोमवार को सरकारी स्कूलों में अतिरिक्त फीस वसूली के आरोप को लेकर बड़ा हंगामा देखने को मिला। स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के आह्वान पर बड़ी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता डिपार्टमेंट ऑफ स्कूल एजुकेशन (DI) कार्यालय के बाहर जुटे और घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया।
💰 क्या है आरोप?
SFI का आरोप है कि जहां राज्य सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों की निर्धारित फीस केवल 240 रुपये तय की गई है, वहीं कई स्कूलों में छात्रों से
- 400 रुपये
- 500 रुपये
- यहां तक कि 600 रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
संगठन का सवाल है कि यह अतिरिक्त पैसा
- किस आदेश पर लिया जा रहा है?
- इसका उपयोग कहां किया जा रहा है?
- और किसे इसका फायदा मिल रहा है?
🧑🎓 गरीब छात्रों पर बोझ
SFI नेताओं ने कहा कि यह अवैध वसूली गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर सीधा आर्थिक बोझ डाल रही है। सरकारी स्कूलों का उद्देश्य शिक्षा को सुलभ बनाना है, न कि इसे कमाई का साधन बनाना।
🗣️ SFI जिला सचिव का बयान
दार्जिलिंग जिला SFI सचिव अंकित दे ने कहा –
“पूरे राज्य में जबरन वसूली का माहौल बना दिया गया है। अब सरकारी स्कूलों में भी अवैध फीस ली जा रही है। चुनाव नजदीक हैं और छात्रों व अभिभावकों से पैसे वसूले जा रहे हैं।”
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वसूली तुरंत बंद नहीं की गई तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
🚓 पुलिस तैनात, बातचीत के बाद प्रदर्शन स्थगित
घेराव के दौरान DI कार्यालय परिसर में तनाव की स्थिति बन गई थी, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया।
अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद SFI ने फिलहाल अपना प्रदर्शन स्थगित कर दिया, लेकिन आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।




