🔹 औरैया में सिल्ट उठान घोटाले का खुलासा
औरैया में सिल्ट उठान घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है।
आरोप है कि ठेकेदार ने बाइकों के पंजीकरण नंबर को ट्रैक्टर बताकर अनुमति हासिल कर ली।
इस खुलासे के बाद विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
🔹 कैसे हुआ पूरा फर्जीवाड़ा?
जानकारी के अनुसार रजवाहा से निकाली गई सिल्ट की ई-लॉटरी के जरिए नीलामी हुई थी।
ठेकेदार ने अधिकारियों को 26 ट्रैक्टरों और तीन बुलडोजर की सूची सौंपी।
जांच में सामने आया कि सूची में कई बाइकों के नंबर ट्रैक्टर के रूप में दर्ज थे।
🔹 बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टरों से ढुलाई
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बिना नंबर प्लेट के चल रही हैं।
कृषि कार्य के लिए पंजीकृत वाहनों का उपयोग व्यावसायिक सिल्ट ढुलाई में किया जा रहा है।
इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग कार्रवाई से बचते नजर आए।
🔹 विभागों ने एक-दूसरे पर डाली जिम्मेदारी
परिवहन विभाग का कहना है कि जांच के लिए कोई फाइल नहीं भेजी गई थी।
वहीं सिंचाई विभाग ने कार्रवाई की जिम्मेदारी परिवहन और खनिज विभाग पर डाल दी।
सिल्ट उठान घोटाले में विभागीय समन्वय की कमी भी सामने आई है।
🔹 ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश
स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई।
सिल्ट उठान घोटाले को लेकर प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ रहा है।



