नाहन, 29 नवंबर (हि.स.)। सरकारी स्कूलों में शिक्षण गुणवत्ता को मजबूत बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में उपनिदेशक प्राथमिक शिक्षा राजीव ठाकुर ने शुक्रवार को शिक्षा खंड सुरला के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक पाठशाला गुमटी का औचक निरीक्षण किया, जिसमें शिक्षकों की गंभीर लापरवाही सामने आई। विभाग दोनों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान स्कूल परिसर और कक्षाएं साफ-सुथरी मिलीं। प्रार्थना सभा में विद्यार्थी अनुशासनपूर्वक शामिल थे। स्कूल में दो जेबीटी शिक्षक पदस्थ हैं और 20 में से 18 विद्यार्थी उपस्थित पाए गए। लेकिन पढ़ाई की गुणवत्ता की जांच में चिंताजनक स्थिति सामने आई।
उपनिदेशक के अनुसार छात्रों का सामान्य ज्ञान बेहद कमजोर है। सभी विषयों में सीखने की क्षमता अपेक्षित स्तर से नीचे पाई गई। बच्चों की नोटबुक्स समय पर चेक नहीं की जा रहीं और गलतियों को सुधारने का भी प्रयास नहीं किया गया।
छात्र गतिविधि रजिस्टर, बैग-फ्री डे रजिस्टर, इको क्लब रजिस्टर सहित कई प्रशासनिक रजिस्टर लंबे समय से अपडेट नहीं थे। टीचर डायरी भी निर्धारित मानकों के अनुसार प्रतिदिन नहीं भरी जा रही। इससे शिक्षकों की कार्यप्रणाली में गंभीर उदासीनता उजागर हुई है।
सबसे बड़ी लापरवाही यह मिली कि संबंधित सेंटर हेड टीचर, जो पालियों स्कूल में कार्यरत हैं, ने पूरे सत्र में एक बार भी गुमटी स्कूल का निरीक्षण नहीं किया। उपनिदेशक ने उन्हें फोन पर फटकार लगाते हुए तीन महीनों की निरीक्षण रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने को कहा।
विद्यालय में लाइब्रेरी की किताबें विद्यार्थियों को उपलब्ध नहीं कराई जा रहीं और आईसीटी उपकरणों का कोई उपयोग नहीं हो रहा है।
उपनिदेशक ने कहा कि छात्रों के कमजोर स्तर और शिक्षकों की निष्क्रियता को देखते हुए दोनों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। विभाग ने संकेत दिया कि आवश्यक होने पर आगे सख्त विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।




