पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने जयपुर में आयोजित राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 में कहा कि उनकी असली जीत, जीत में नहीं बल्कि हार में लिखी है। उन्होंने कहा कि हार ने उन्हें मजबूती, धैर्य और दिशा दी है।
जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित सत्र “लीडरशिप बियॉन्ड लेबल्स: वीमन, पावर एंड पब्लिक सर्विस” में बोलते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि हार या जीत को महिला या पुरुष से जोड़ना लैंगिक असमानता को बढ़ावा देता है। यह एक मानवीय और नेतृत्व का विषय है।
👩💼 महिला नेतृत्व और आत्मनिर्भरता
उन्होंने कहा कि आज महिलाएं तकनीक, स्टार्टअप, नीति निर्माण और सार्वजनिक सेवा जैसे क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपनी यात्रा साझा करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने टीवी से राजनीति और फिर सार्वजनिक सेवा तक का सफर तय किया।
💪 “हार ने मुझे बनाया मजबूत”
स्मृति ईरानी ने कहा कि चुनावों में मिली हारें उन्हें पीछे नहीं ले गईं, बल्कि आगे बढ़ने की प्रेरणा बनीं। उन्होंने कहा —
“हार ने मेरी किस्मत लिखी है, वही मेरी सबसे बड़ी जीत बनी।”
🚀 महिला उद्यमिता पर बड़ा लक्ष्य
उन्होंने बताया कि भारत में 9 करोड़ स्वयं सहायता समूह की महिलाएं आत्मनिर्भर भारत की नींव रख रही हैं।
उनका लक्ष्य है —
- 1 लाख महिलाओं को सशक्त बनाना
- 300 स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना
- 100 मिलियन डॉलर से अधिक का फंड तैयार करना
🤖 एआई और महिला सशक्तीकरण
ईरानी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी बात करते हुए कहा कि एआई को ऐसे डेटा से ट्रेन किया जाना चाहिए जो महिला सशक्तीकरण और समान अवसरों को बढ़ावा दे।
उन्होंने कहा कि तकनीक तभी उपयोगी है जब वह समाज में समानता और समावेशन को बढ़ाए।




