पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट की निवासी सोनाली खातून आखिरकार मां बन गई हैं। गर्भवती अवस्था में जबरन बांग्लादेश भेजे जाने के बाद लंबी कानूनी लड़ाई के जरिए भारत लौटी सोनाली ने सोमवार को एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। इस भावुक मौके पर तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी ने उन्हें और नवजात को बधाई दी है।
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सोनाली ने जिस अन्याय और पीड़ा का सामना किया, उसके बाद यह खुशखबरी और भी ज्यादा भावनात्मक और महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह 6 जनवरी को बीरभूम दौरे के दौरान खुद अस्पताल जाकर सोनाली और उनके बेटे से मुलाकात करेंगे।
👩🍼 गर्भावस्था में बांग्लादेश भेजे जाने से उठा था विवाद
सोनाली खातून दिल्ली में घरेलू सहायिका के रूप में काम कर रही थीं, जब उन्हें दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर “बांग्लादेशी” बताकर हिरासत में लिया और गर्भवती होने के बावजूद बीएसएफ द्वारा बांग्लादेश पुश-बैक कर दिया गया। वहां उन्हें कथित रूप से एक अपराधी की तरह हिरासत में रखा गया।
इस मामले को लेकर देशभर में आक्रोश फैल गया था। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने इसे मानवाधिकार उल्लंघन बताते हुए लगातार आवाज उठाई थी। अंततः अदालत के हस्तक्षेप के बाद 5 दिसंबर 2025 को सोनाली भारत लौटी थीं।
🏥 अस्पताल में बेटे को दिया जन्म
रविवार शाम सोनाली को नियमित जांच के लिए पाईकर अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। सोमवार सुबह करीब 11 बजे उन्होंने एक पुत्र को जन्म दिया। डॉक्टरों के अनुसार मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
परिवार ने अभी बच्चे का नाम तय नहीं किया है। बताया जा रहा है कि सोनाली चाहती हैं कि उनके बच्चे का नामकरण मुख्यमंत्री ममता बनर्जी करें।




