दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग सोमवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बीजिंग में एक महत्वपूर्ण शिखर वार्ता करने जा रहे हैं। इस मुलाकात में उत्तर कोरिया की परमाणु गतिविधियों, कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिरता, व्यापार संबंधों और सांस्कृतिक सहयोग जैसे अहम विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
यह मुलाकात नवंबर में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) सम्मेलन के दौरान हुई बातचीत के लगभग दो महीने बाद हो रही है। ली की जून में पद संभालने के बाद यह उनकी पहली चीन यात्रा है और 2019 के बाद किसी भी दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की चीन यात्रा पहली बार हो रही है।
🌏 उत्तर कोरिया पर फोकस
ली जे म्युंग इस दौरे के दौरान चीन से उत्तर कोरिया के साथ तनाव कम करने और कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण में सहयोग की मांग करेंगे। गौरतलब है कि उनकी बीजिंग यात्रा से कुछ घंटे पहले ही उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
💼 आर्थिक संबंधों को मिलेगा बल
शिखर वार्ता से पहले राष्ट्रपति ली कोरिया-चीन आर्थिक फोरम में भाग लेंगे। इस मंच पर
सैमसंग, एसके ग्रुप और एलजी जैसे दक्षिण कोरिया के दिग्गज कारोबारी समूहों के प्रमुख भी शामिल होंगे।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार वी सुंग-लैक ने बताया कि दोनों देशों के बीच 10 से अधिक समझौता पत्रों (MoU) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है, जिनमें व्यापार, तकनीक और सांस्कृतिक सहयोग शामिल होंगे।
🎭 सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर जोर
दोनों नेता कोरियाई संस्कृति (K-Culture) और चीन के साथ सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा करेंगे। दक्षिण कोरिया चाहता है कि चीन में के-पॉप, कोरियाई ड्रामा और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों पर लगे प्रतिबंधों में नरमी आए।
🇨🇳 वन चाइना नीति पर दक्षिण कोरिया का रुख
चीनी सरकारी चैनल सीसीटीवी को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति ली ने दोहराया कि “वन चाइना नीति” पर दक्षिण कोरिया का रुख पहले की तरह ही बना रहेगा, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संतुलन बनाए रखने का संकेत मिला है।




